रेवाड़ी में श्री नगरकोट (कांगड़ा) वाली माता मंदिर मोहल्ला गुर्जरवाड़ा में शारदीय नवरात्रों के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय भजन-कीर्तन कार्यक्रम का नवमी के दिन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। नौ दिनों तक मंदिर में माता रानी की भक्ति, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई और सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर मां का गुणगान किया।
कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा में शामिल सभी महिलाओं को नवमी के दिन उनके पवित्र कलश सौभाग्य स्वरूप वितरित किए गए। इस अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कलश यात्रा में महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लेकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस पावन अवसर पर मंदिर समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती निशा अग्रवाल द्वारा कलश यात्रा में शामिल सभी महिलाओं को माता रानी के आशीर्वाद स्वरूप सुहाग की वस्तुएं भेंट की गईं। यह मंगलमयी भेंट महिलाओं के प्रति सम्मान, सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की कामना और धार्मिक परंपराओं के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रही।
मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान पवित्र कलशों के सानिध्य में अनुराधा पौडवाल की आवाज में संस्कृत भाषा में डिजिटल दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ भी सुनाया गया। इससे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं को मां भगवती की आराधना करने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि पूरे नौ दिनों तक भजन-कीर्तन करने वाली महिलाओं के लिए विभिन्न श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद की व्यवस्था सुचारू रूप से की गई। श्रद्धालुओं के सहयोग से प्रतिदिन कीर्तन में शामिल महिलाओं के लिए प्रसाद सेवा जारी रही। यह सेवा धार्मिक आयोजन में सहभागिता, सेवा भावना और सामूहिक सहयोग का सुंदर उदाहरण बनी।
श्रीमती निशा अग्रवाल ने नौ दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी महिलाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कलश यात्रा में श्रद्धापूर्वक शामिल होने वाली महिलाओं, नौ दिनों तक भजन-कीर्तन करने वाली श्रद्धालुओं तथा प्रसाद सेवा में सहयोग देने वाले सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं की धार्मिक आस्था, उत्साह और सहयोग से यह आयोजन विशेष एवं यादगार बना। मंदिर समिति का प्रयास है कि मंदिर में धार्मिक आस्था, भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना को निरंतर बढ़ावा दिया जाए, ताकि सभी श्रद्धालु मिलकर माता रानी की सेवा में अपना योगदान दे सकें।
नौ दिवसीय भजन-कीर्तन कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने माता रानी से सभी के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवारों की खुशहाली की कामना की।




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