गोड्डा, 11 सितंबर 2026। खेलो झारखंड प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत सदर प्रखंड गोड्डा में दिनांक 11 सितंबर 2026 को अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग की कबड्डी और खो-खो प्रतियोगिताएं उत्साह एवं रोमांच के बीच संपन्न हुईं। विभिन्न विद्यालयों की टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।*
इस बार प्रतियोगिता की विशेष बात यह रही कि अंडर-17 बालिका वर्ग की कबड्डी एवं खो-खो स्पर्धाओं में कई विद्यालयों की नई टीमों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं बालक वर्ग में भी पूर्व की अपेक्षा अधिक विद्यालयों की टीमों ने भाग लेकर खेल के प्रति बढ़ते उत्साह का परिचय दिया। विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी ने प्रखंड स्तर पर खेल प्रतिभाओं की बढ़ती संभावनाओं को प्रदर्शित किया*।
कबड्डी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
*अंडर-17 बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता में सीएमएसओई गर्ल्स, गोड्डा की टीम ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। बुनियादी उच्च विद्यालय सुंदर मोड़ की टीम उपविजेता रही, जबकि आरएलएसवाई प्लस टू उच्च विद्यालय कुर्मीचक की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया*।
*वहीं अंडर-17 बालक वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता में डिस्ट्रिक्ट सीएमएसओई, गोड्डा की टीम विजेता बनी। आरएलएसवाई प्लस टू उच्च विद्यालय कुर्मीचक की टीम उपविजेता रही, जबकि उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय रमला की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।*
*ज्ञात हो कि कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा नियमों में किए गए संशोधन के बाद तृतीय स्थान के लिए अलग से मुकाबला आयोजित करने की पूर्व व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। वर्तमान नियम के अनुसार, फाइनल में पहुंचने वाली विजेता टीम द्वारा सेमीफाइनल में पराजित की गई टीम को तृतीय स्थान प्रदान किया जाता है। इसी नियम के आधार पर बालक वर्ग में तृतीय स्थान निर्धारित किया गया।
हालांकि, बालिका वर्ग में शिक्षकों के अनुरोध पर तृतीय स्थान के लिए कुर्मीचक एवं कठौन की टीमों के बीच मुकाबला आयोजित किया गया, जिसमें आरएलएसवाई प्लस टू उच्च विद्यालय कुर्मीचक की टीम विजयी रही।
*कबड्डी प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों में ऑफिशिएटिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रितिक कुमार, चंदू कुमार, प्रियांसु कुमार ने निभाई।*
*हरिपुर के खिलाड़ियों ने भी जीता दर्शकों का दिल*
*कबड्डी के अंडर-17 बालक वर्ग में उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय हरिपुर की टीम के खिलाड़ियों ने भी अपने शानदार खेल कौशल और प्रभावशाली प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। टीम के खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन तालमेल, फुर्ती, तकनीकी कौशल और खेल भावना का परिचय देते हुए उपस्थित दर्शकों एवं अन्य खिलाड़ियों को अपना मुरीद बना लिया। यद्यपि टीम शीर्ष तीन स्थानों में स्थान बनाने में सफल नहीं रही, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में अपनी अलग छाप छोड़ी*।
*खो-खो प्रतियोगिता में भी दिखा खिलाड़ियों का दमखम*
*अंडर-17 बालक वर्ग की खो-खो प्रतियोगिता में उत्क्रमित उच्च विद्यालय नूनबट्टा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। डिस्ट्रिक्ट सीएमएसओई, गोड्डा की टीम उपविजेता रही, जबकि आरएलएसवाई प्लस टू उच्च विद्यालय कुर्मीचक की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया।*
*वहीं अंडर-17 बालिका वर्ग की खो-खो प्रतियोगिता में बुनियादी उच्च विद्यालय सुंदर मोड़ की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। सीएमएसओई गर्ल्स, गोड्डा की टीम द्वितीय स्थान पर रही, जबकि उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय रमला की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया*।
*खो-खो प्रतियोगिता में ऑफिशिएटिंग का कार्य स्टेट रेफरी विजय मिर्धा ने किया। इस दौरान उन्हें राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी फरहान का सहयोग प्राप्त हुआ*।
*संजीव रंजन की वापसी रही चर्चा का विषय*
प्रतियोगिता की एक विशेष बात खेल जगत के अनुभवी संजीव रंजन की सक्रिय वापसी रही। संजीव रंजन, जो उच्च विद्यालय अमलो फसिया में शारीरिक शिक्षा शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, ने इस बार अपने विद्यालय से दो टीमों को प्रतियोगिता में उतारा। दोनों ही टीमों ने सराहनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया और मैदान में मौजूद दर्शकों एवं खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
कठौन की बालक एवं बालिका टीमों ने खींचा ध्यान
वहीं उत्क्रमित उच्च विद्यालय कठौन की बालक एवं बालिका वर्ग की दोनों टीमों ने भी प्रतियोगिता में अपनी प्रभावशाली खेल उपस्थिति दर्ज कराई। विशेष रूप से कठौन की बालक टीम ने अपने दमदार पावर गेम से सभी का ध्यान आकर्षित किया। खिलाड़ियों के आक्रामक खेल, शारीरिक क्षमता और जोशपूर्ण प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों, खिलाड़ियों एवं शिक्षकों को प्रभावित किया।
बढ़ती भागीदारी ने बढ़ाई खेलों की उम्मीद
कुल मिलाकर खेलो झारखंड प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता में इस वर्ष विभिन्न विद्यालयों की बढ़ती भागीदारी, नई टीमों का मैदान में उतरना तथा खिलाड़ियों का उत्साहपूर्ण प्रदर्शन खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण रहा।
कबड्डी और खो-खो जैसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं में बालक एवं बालिका वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि प्रखंड स्तर पर खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हरीपुर, कठौन, अमलो फसिया सहित विभिन्न विद्यालयों की टीमों के प्रभावशाली प्रदर्शन ने प्रतियोगिता को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक एवं रोमांचक बना दिया।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन, उत्साह और उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय दिया। खेलो झारखंड जैसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण एवं स्कूली स्तर की उभरती खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने तथा जिला और राज्य स्तर तक अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।

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