भारतीय चिकित्सा संघ, रेवाड़ी ने नव प्रेरणा संस्था के दिव्यांग बच्चों के साथ देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया। कार्यक्रम का आयोजन ‘आओ गांव चलें’ अभियान के तत्वावधान एवं डॉ. पूनम यादव के संरक्षण में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके पश्चात नव प्रेरणा के बच्चों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के आत्मविश्वास, उत्साह और प्रतिभा ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया और उपस्थित लोग भी उनके साथ झूम उठे।
कार्यक्रम का संचालन गार्गी जी ने किया। उन्होंने भारतीय चिकित्सा संघ, रेवाड़ी के सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को उपहार भेंट किए गए तथा सभी उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर भारतीय चिकित्सा संघ, रेवाड़ी की अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी विविधता है। उन्होंने कहा, “हम सब अलग हैं—हमारी भाषाएं अलग हैं, हमारी संस्कृतियां अलग हैं, हमारे विचार और लक्ष्य अलग हैं। हमारा पहनावा, खान-पान, धर्म और त्योहार भी अलग-अलग हैं। लेकिन इसी अनेकता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी पहचान है।”
उन्होंने कहा कि भारत वह देश है जहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और जीवनशैलियां मिलकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करती हैं। उन्होंने देशभक्ति की पंक्तियों के माध्यम से कहा—
“जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा।”
डॉ. नीरज यादव ने नव प्रेरणा के सभी बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि हर बच्चा अनोखा है, हर बच्चे में अपनी विशेष प्रतिभा है और किसी भी बच्चे को कभी भी किसी दूसरे बच्चे से कम नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को यह एहसास दिलाना समाज की जिम्मेदारी है कि वे किसी से कम नहीं हैं। उन्हें समान अवसर, सम्मान, प्रेम, सहयोग और प्रोत्साहन मिलना उनका अधिकार है।
अध्यक्षता कर रहीं डॉ. पूनम यादव ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और प्रत्येक बच्चे की अपनी अलग क्षमता एवं प्रतिभा होती है। उन्होंने कहा, “हमें कभी भी दो बच्चों की आपस में तुलना नहीं करनी चाहिए। हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर, प्यार, सहयोग और सकारात्मक वातावरण मिलना चाहिए। यदि पूरा समाज इन बच्चों को समान सम्मान और अवसर दे, तो ये बच्चे किसी से कम नहीं हैं।”
उन्होंने नव प्रेरणा के बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय चिकित्सा संघ, रेवाड़ी हमेशा इन बच्चों के साथ खड़ा रहेगा।
डॉ. प्रीति यादव ने नव प्रेरणा संस्था के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों का बच्चों को बेहतर वातावरण देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए धन्यवाद किया।
वहीं डॉ. अचल सिंघला ने जोशीले अंदाज में “भारत माता की जय” के नारों से पूरे वातावरण में देशभक्ति का जोश भर दिया। कोमल यादव ने भी बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में हरीश मलिक, अनुराधा जी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नव प्रेरणा के बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी उठाएगा आईएमए
इस अवसर पर डॉ. पूनम यादव ने कहा कि भारतीय चिकित्सा संघ, रेवाड़ी नव प्रेरणा के बच्चों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इन सभी बच्चों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाएंगे, ताकि उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा सके और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि आईएमए रेवाड़ी इन बच्चों की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर “वन्दे मातरम्” और “भारत माता की जय” के जयघोष लगाए। समारोह ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक है, जब समाज का हर बच्चा—चाहे वह किसी भी क्षमता का हो—सम्मान, समान अवसर, प्रेम और गरिमा के साथ आगे बढ़ सके।
“हर बच्चा विशेष है, हर प्रतिभा अनमोल है और विविधता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”









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