हरियाणा राजपूत प्रतिनिधि सभा ने राज्य की रिक्त हुई 2 राज्यसभा सीटों में से एक सीट पर अपना दावा पेश किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को प्रेषित ज्ञापन में याद दिलाया कि राज्य की 8 प्रतिशत से अधिक आबादी वाला राजपूत समाज सनातन संस्कृति व राष्ट्र प्रेम की मानसिकता के चलते शुरू से ही जनसंघ- भाजपा का कोर वोट बैंक रहा है। हरियाणा के पहले विधानसभा चुनाव 1967 में जब जनसंघ का देहात में कोई जनाधार नही था कलानौर से ठाकुर नसीब सिंह परमार विधायक बने। 1968 में घरौंड़ा से ठाकुर रणधीर सिंह विधायक बने।
वर्तमान विधानसभा में भी भाजपा के श्याम सिंह राणा और योगेन्द्र राणा दो विधायक हैं जबकि अन्य किसी दल ने समाज के प्रतिनिधित्व को पूर्णतः नजरअंदाज किया। 2024 के विधानसभा चुनाव में समाज की इस अनदेखी के चलते समाज के एक दर्जन निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा को लगातार तीसरी बार सरकार बनवा कर रेकॉर्ड बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। सभा के कार्यवाहक अध्यक्ष राव नरेश चौहान राष्ट्रपूत ने ज्ञापन में समाज को राज्यसभा में एक सीट पर प्रतिनिधित्व देने का पुरजोर आग्रह करते हुए परिवारवाद, दल बदलू, अवसरवादी ताक़तों के आगे समाज के न्याय संगत दावे को नजर अंदाज करने पर भविष्य में पार्टी के नुकसान की संभावना से भी अवगत कराया। ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को भी प्रेषित की गई हैं।

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