ग्राम समाचार, ब्यूरो रिपोर्ट गोड्डा। इन दिनों पूरे झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग लगातार अलर्ट जारी कर रहा है। कई जिलों में तापमान न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टियां घोषित की जा रही हैं। लेकिन गोड्डा जिला में अब तक न तो सरकारी, न ही गैर सरकारी और न ही निजी विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा की गई है।
घने कुहासे और कपकपाती ठंड के बीच छोटे-छोटे बच्चे रोज स्कूल जाने को मजबूर हैं। ललमटिया डकैता मिशन के बच्चों की तस्वीर इस सच्चाई को बयां करती है। कई बच्चों के पास ठंड के अनुसार गर्म कपड़े तक नहीं हैं, जिससे वे शीतलहर के सीधे प्रभाव में आ रहे हैं।
शिक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी बच्चों की सुरक्षा और सेहत भी है। इतनी भीषण ठंड में छोटे बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। ठंड किसी एक वर्ग को नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जिला प्रशासन और उपायुक्त बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाएंगे? क्या स्कूलों के समय में बदलाव होगा या अस्थायी छुट्टी की घोषणा की जाएगी? गौरतलब है कि गोड्डा के पड़ोसी जिले साहिबगंज में शीतलहर को देखते हुए सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे वहां के बच्चों को राहत मिली है।
अब जरूरत है कि गोड्डा जिला प्रशासन भी बच्चों के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता देते हुए जल्द ठोस निर्णय ले, ताकि मासूम बच्चों को इस भीषण ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।


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