रेवाड़ी के जेपीएस स्कूल में बच्चों के कैरियर के लिए कार्यशाला का आयोजन। विशेषज्ञों ने कहा स्वयं की प्रतिभा को पहचानकर करें भविष्य का चयन बच्चों से की सोशल मीडिया के प्रयोग पर नियंत्रण की अपील।
रेवाड़ी के सर्कुलर रोड स्थित जैन पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। दसवीं के बाद संकाय चयन और बारहवीं के बाद कैरियर चुनने की चिंता पर आधारित कार्यशाला *जिज्ञासा* में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जहाँ स्वयं की प्रतिभा पहचानकर भविष्य चयन के लिए प्रेरित किया, वहीं अभिभावकों से बच्चों के लिए समय निकालकर उनकी क्षमता को पहचानने की अपील की। उन्होंने बच्चों के बदलते आचरण तथा मानसिक तनाव पर चिंता जताते हुए सोशल मीडिया के प्रयोग पर नियंत्रण की अपील की। कार्यशाला में अभिभावकों की शंकाओं का समाधान भी किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विद्यालय के मीडिया प्रभारी गोपाल शर्मा तथा संस्था प्रधान मोहित जैन ने बताया कि नसिया जी स्थित अकलंक शरणालय सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रधानाचार्या सोनल छाबड़ा ने अभिभावकों के साथ-साथ प्रबंधन समिति तथा रिसोर्स पर्सन का शाब्दिक अभिनंदन किया। प्रबंधन समिति के प्रधान सीए मोहित जैन ने विद्यार्थियों को जीवन के विभिन्न चरणों में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराते हुए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कुम्हार, किसान व भगवान राम का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को भीड़ से अलग हटकर पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों से भी अपने बच्चों की तुलना न करने की अपील की। प्रबंधन समिति की उपाध्यक्षा सीमा जैन, शासकीय निकाय सदस्य निपुण जैन, विजय जैन एवं प्रद्युम्न जैन ने रिसोर्स पर्सन का अभिवादन किया।
रिसोर्स पर्सन अमित गांधी ने दसवीं के बाद संकाय चयन तथा बारहवीं के बाद कैरियर चुनने की यात्रा को समझाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में प्रतिभा है, केवल उसे सही दिशा देने की आवश्यकता है। अभिभावक उनके लिए सही मार्गदर्शक का चयन करें। वर्तमान परिदृश्य में उन्हें जॉब लेने की नहीं जॉब देने की दिशा में सोचना चाहिए। उन्होंने विभिन्न विषयों की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए स्ट्रीम व कैरियर चुनने की बीच अंतर स्पष्ट किया। शिक्षा को तकनीक के साथ जोडक़र चलने की अपील की। वर्षा सिंह ने बच्चों को तनाव प्रबंधन एवं समय प्रबंधन के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें स्वयं को मानसिक रुप से मजबूत बनाना है।
इसके लिए सुबह जल्दी उठकर दिन भर के कार्यों की एक छोटी सूची तैयार करें और उन्हें पूरा करें। लक्ष्य प्राप्त होने पर कार्य और सूची में विस्तार किया जा सकता है। सोशल मीडिया के प्रयोग पर नियंत्रण करके समय एवं तनाव प्रबंधन किया जा सकता है। पुनीत शर्मा ने अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने तथा उनसे अधिक अपेक्षा न करने की अपील की।
उन्होंने इस दिशा में एपीआई पर जोर दिया। जिसमें कौशल (एप्टीट्यूड), व्यक्तित्व (पर्सनलिटी) तथा रुचि(इंट्रेस्ट) शामिल है। उन्होंने विभिन व्यवसाय में मिलने वाले पैकेज व वेतन की भी जानकारी दी। विद्यालय की उप प्रधानाचार्या विजय गुप्ता ने कार्यशाला की सफलता के लिए प्रबंधन समिति, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार जताया।






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