Chandan News: प्रखंड के जीरोपहरी के गांव के स्कूल में भवन के अभाव खुले स्कूल परिसर में पढ़ने को  विवस हैं बच्चे

ग्राम समाचार,चांदन,बांका। प्रखंड क्षेत्र के असुढ़ा पंचायत अंतर्गत प्रन्नोत मध्य विद्यालय जीरोपहरी में विद्यालय में भवन के अभाव के शिक्षक बच्चे को भवन परिसर के खुले मैदान में पढ़ाने को विवश है। ज्ञात हो कि इस सुदूर बस्ती में कई गांव के बच्चे दूरदराज से  आया करता है। कारण यहां एकमात्र स्कूल है जहां 600 से अधिक छात्र-छात्राएं  नामांकन दर्द है। हैरानी इस बात की है स्कूल में मात्र तीन कमरे और एक कार्यालय  के बीच बच्चों को जहां-तहां बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल का आलम यह है कि बरसात का मौसम में बच्चे को पढ़ने में काफी कठिनाई हो रही है। चिलचिलाती धूप में भी जहां-तहां बच्चे को बैठा कर शिक्षा देना मजबूरी बन गई है। कुछ बच्चे तो स्कूल में बैठ जाते हैं तो कुछ बच्चे बाहर ही खड़ा 

रहना पड़ जाता है। जबकि छात्रों की उपस्थिति लगभग 400 के करीब हो जाते हैं। स्कूल में चार दिवारी नहीं होने से स्कूल परिसर के इर्द-गिर्द आवारा पशुओं का आना जाना लगा रहता है जहां अक्सर छोटे-छोटे बच्चा बड़ा करते हैं जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सम्भावना बनी रहती है। इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक से बात करने पर बताया कि स्कूल मेंं पहला क्लास से अष्टम क्लास के लगभग 600 विद्यार्थी है लेकिन कमरा कमी के कारण बच्चे की उपस्थिति ज्यादा नहीं हो पाती है। फिर भी अपने अस्तर से बच्चे को शिक्षा देने में कोई कोताही नहीं बरतते हैं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में कई बार पदाधिकारियों को लिखित देकर भवन का विस्तार करने को कहा गया है। लेकिन आज तक इस मामले में नहीं तो कोई जनप्रतिनिधि नहीं तो कोई पदाधिकारी गण ने संज्ञान में लिया है। जिससे यहां के बच्चे की भविष्य खराब हो रही है।

उमाकांत साह,ग्राम समाचार संवाददाता,चांदन। 

Share on Google Plus

Editor - कुमार चन्दन, बाँका (बिहार)

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Online Education