expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Online Education


Jamtara News: वृक्ष धरती के प्राण हैं: स्पीकर


ग्राम समाचार, ब्यूरो रिपोर्ट जामताड़ा: 

बिन्दापाथर थाना क्षेत्र के बंदरडीहा गाँव में मंगलवार को 72 वां वन महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक सह विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो उपस्थित हुए तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर प्रबंधक मुख्य वन संरक्षक सत्यजित सिंह  उपस्थित थे। मौके पर श्री महतो ने कहा पेड़ पौधे आक्सीजन का एक मात्र स्रोत है, उन्होंने कहा आज हमारी जमीन वृक्ष रहित होता जा रहा है, हम सभी को अधिक से अधिक पौधे लगाकर इस धरा को वृक्षों से अच्छादित करना होगा तभी पृथ्वी पर मानव या अन्य प्राणियों को बचाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा हमें जीने के लिए आक्सीजन की आवश्यकता है जो केवल वृक्ष से ही प्राप्त है, इसके अलावे वृक्ष हमारी अर्थनीति में भी मददगार साबित होता है। उन्होंने कहा आज हमारे क्षेत्र के कई मेहनत कस लोग आम सहित अन्य फलदार वृक्ष लगाकर सालाना लाखों रुपये के फल बेचते हैं। उन्होंने कहा बेकार पड़े भूमि पर वृक्ष लगाकर हमलोग बहुत सारे फायदे ले सकते हैं। उन्होंने कहा मानव द्वारा प्रकृति के साथ किये गए खिलवाड़ के परिणामस्वरूप आज पृथ्वी पर मानव को तरह तरह के मुसिबतों का सामना करना पड़ता हैं। अगर समय रहते मानव सचेत नहीं हुआ तो आने वाले समय में हमें इसके भयंकर दुष्परिणाम भोगने पड़ेंगे। उन्होंने कहा मानव सभ्यता आज प्राकृतिक संपदा का इस प्रकार दोहन कर रहा है, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा आज प्रत्येक परिवार को वृक्षारोपण तथा इसका संरक्षण करना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री महतो के कर कमलों द्वारा वृक्षारोपण भी किया भी किया गया। इस अवसर पर शुशील सोरेन, सीओसीओ सुनीता किस्मत, रेंजर प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी भास्कर झा, मुखिया आभामुनी, विधायक प्रतिनिधि बासुदेव हांसदा सहित अन्य उपस्थित थे।

Share on Google Plus

Editor - विवेक आनंद, जामताड़ा (झारखंड).

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें