चांदन न्यूज: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2 वर्षों से कोरोना संक्रमण के कारण हो रही है धूमिल

ग्राम समाचार,चांदन,बांका। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सावन मेला की उम्मीद धीरे-धीरे धूमिल पड़ती जा रही है। इस कारण इस मेले से महीने भर की कमाई कर परिवार का पेट पालने वाले लोगों के सामने एक बार फिर भूखमरी की स्थिति पैदा होने वाली है। इन दिनों संपूर्ण कांवरिया पथ पूरी तरह उदास पड़ा हुआ है। न तो नई दुकान लग रही है ,न हीं सरकारी कोई व्यवस्था शुरू की गई है ।और ना ही निजी स्वयंसेवी संस्था और धर्मशाला में ही कोई कार्य शुरू किया गया है। पिछले वर्ष भी कोरोना की भेंट चढ़ने के कारण मेले की व्यवस्था नहीं की गई थी। इस कारण सावन मेले में दूर-दूर से यहां आकर रोजी रोजगार कमाने वाले लोग नहीं आ सके थे। और ईश्वर उन्हें उम्मीद थी कि मेला में पिछले वर्ष की भरपाई इस बस जरूर हो जाएगी। लेकिन दोबारा कोरोनावायरस के कारण इस वर्ष भी सरकार द्वारा अभी तक मेला शुरू करने और नहीं करने का कोई 

आदेश जारी नहीं किया गया है। जबकि झारखंड स्थित देवघर बाबा मंदिर में पूजा की शुरुआत नहीं होने के कारण ऐसा लगने लगा है कि इस वर्ष भी श्रावणी मेला कोरोना की भेंट चढ़ गई है। इस बर्ष सावन का महीना 25 जुलाई से शुरू होने वाला है। लेकिन सरकारी कोई भी पहल शुरू नही होने से लोग आशा छोड़ कर खेतीबारी के साथ दूसरे व्यवसाय की ओर ध्यान देने लगे है। वैसे सावन मेले में सबसे बड़ा क्षेत्र बांका जिले में पड़ने के कारण इसकी तैयारी कई माह पूर्व से ही शुरू हो जाती थी । साथ ही साथ बाजारों में प्लास्टिक, कुर्सी,बांस बर्तन सहित दुकानों में लगने वाले सामानों की बिक्री भी काफी हो जाती थी । लेकिन लगातार दो साल से यह धंधा भी पूरी तरह ठप पड़ गया है। इतना ही नहीं पूरे कांवरिया पथ पर अतिक्रमण होने के साथ-साथ कीचड़ और नाले का पानी जमा होकर इसे बदबूदार बना दिया है। इस सावन मेले में करोड़ों का व्यवसाय होता था ।जो लगातार दो साल से पूरी तरह बंद पड़ा है। इस संबंध में बीडीओ दुर्गा शंकर ने बताया कि अभी तक श्रावणी मेले को लेकर कोई भी दिशा निर्देश नहीं दिया गया है ।इस कारण सरकारी किसी भी तैयारी की शुरुआत नहीं हुई है।

उमाकांत साह,ग्राम समाचार संवाददाता,चांदन।

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Editor - कुमार चन्दन, बाँका (बिहार)

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