Rewari News : रेडक्रॉस द्वारा मृतकों के फर्जी सर्टिफिकेट बनाने की जांच अब एसडीएम बावल करेंगे : सुनील भार्गव

रेवाड़ी 30 जून : रेडक्रॉस विभाग द्वारा 3 मृतकों के फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बनाने के मामले में आज 1 जुलाई को एसडीएम बावल द्वारा दोनों पक्षों को जांच के लिए एसडीएम कार्यालय में बुलाया हुआ है, जिसमें रेडक्रॉस व एसडीएम कार्यालय रेवाड़ी से 3 कर्मचारियों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। सुनील भार्गव ने ईमेल के जरिए डीसी रेवाड़ी, राज्यपाल हरियाणा, मुख्यमंत्री हरियाणा, हरियाणा राज्य रेडक्रॉस व एसडीएम रेवाड़ी को लिखा था कि उपरोक्त मामले की जांच एडीसी से कराई जाए। जिला उपायुक्त ने एडीसी की बजाय अब जांच का जिम्मा एसडीएम बावल को सौंपा है। 

हम आपको बतां दें रेवाड़ी में रेडक्रॉस सीएसआर सब कमेटी मेंबर एडवोकेट सुनील भार्गव को सूचना मिली कि रेडक्रॉस में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 300 की जगह 800 से 1000 लेकर सिर्फ आधार कार्ड के माध्यम से एक दिन का फर्स्टएड ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बनाया जा रहा है। पैसे देकर आप चाहे किसी मरे हुए व्यक्ति का भी फर्स्टएड सर्टिफिकेट बनवा लो। यह सुन सुनील भार्गव को विश्वास नहीं हुआ उन्होंने मामले की तह तक जाने के लिए एक व्यक्ति को मरे हुए व्यक्ति का आधार कार्ड भेज एक फर्स्टएड सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भेजा। वह व्यक्ति फीस से अधिक (जैसा कि सुनील भार्गव ने बताया) एक हजार देकर मृतक का फर्स्टएड सर्टिफिकेट बनवा लाया। जब यह मामला मीडिया में आया तो डीसी ने इसकी जांच के आदेश एसडीएम रेवाड़ी को दिए। लेकिन शिकायतकर्ता सुनील भार्गव ने रेवाड़ी एसडीएम पर भरोसा न जताते हुए एडीसी या उच्च स्तरीय अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी। सुनील भार्गव ने सवांददाता को यह भी बताया कि वे इस मामले की जांच मीडिया के समक्ष करवाने का प्रयास करेंगे ताकि दूध का दूध, पानी का पानी हो सके। यदि मैं दोषी निकला तो सजा भुगतने को तैयार हूं।

Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Online Education