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Bounsi News: इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाई के पुत्र एवं पुत्री की मौत के बाद अर्थी उठते ही मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा

ग्राम समाचार,बौंसी,बांका। 

सड़क दुर्घटना में इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाई सुनील चौधरी के पुत्र एवं पुत्री की मौत के बाद रविवार को एक साथ अर्थी उठते ही मोहल्ले में मातमी सन्नाटा छा गया। जानकारी हो कि, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाई सुनील चौधरी के 24 वर्षीय पुत्र नीरज चौधरी और उसकी 21 वर्षीय पुत्री निशु चौधरी की सड़क दुर्घटना में शनिवार को मौत हो गयी थी। इस घटना में इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाई की पत्नी रेखा देवी भी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी, जिसका उपचार दुर्गापुर में चल रहा है। बौंसी थाना क्षेत्र के शिव विहार कॉलोनी झारखंड के देवघर से पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दोनों मृतक का शव एंबुलेंस से पहुंचा। परिजनों के रोने की चित्कार मोहल्ले में मच गई। सबके पहुंचने के बाद फागा पंचायत के मुखिया हरिहर यादव ने पहुंचकर शोक में डूबे परिवार को सांत्वना दी। मौके पर परिवार के राजेश चौधरी, बंटी चौधरी, मिथिलेश, मुकेश, कारू, अभिषेक, प्रीतम चौधरी सहित भारी संख्या में रिश्तेदार भी पहुंचे हुए थे। देर शाम पापहारणी स्थित मुक्तिधाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि बड़े भाई सूरज ने दी। बताते चलें कि, प्रखंड क्षेत्र में लगातार सड़क हादसे में बाइक सवार चालकों की मौत और गंभीर रूप से 

जख्मी होने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसके बावजूद लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। गत 5 दिनों के अंदर छोटी सी लापरवाही के कारण 2 युवाओं की मौत हो गई। बाइक के लिए लाइफ गार्ड का काम करने वाला हेलमेट उनके सिर पर नहीं था अन्यथा उनकी जान बच सकती थी। बताते चलें कि, 4 जून को बौंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत हैचला मोड़ के समीप झारखंड के 20 वर्षीय युवक अरशद की सड़क दुर्घटना में मौत हेलमेट नहीं पहनने से सर में गंभीर चोट लगने से हो गई। वहीं 5 जून को बौंसी के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाई के पुत्र एवं पुत्री की भी मौत हो गई। उक्त युवक भी हेलमेट नहीं पहना था। वही 24 अप्रैल को रोझावरण के पास सड़क दुर्घटना में गोकुला गांव निवासी संतोष यादव जिसके सिर में गहरी चोट लगी थी। बेहतर चिकित्सा के लिए भागलपुर रेफर किया गया था। इतनी घटनाएं होने के बावजूद लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद हेलमेट नहीं पहनने की वजह से ₹1000 के चालान का प्रावधान है। वैसे जुर्माना तो बढ़ा दिया गया है। लेकिन लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने की वजह से रोज एक्सीडेंट में कई लोगों की मृत्यु होती है। अगर हजार रुपए के चालान से बचने के लिए भी अगर लोग हेलमेट पहनना शुरू कर देते हैं तो कई जानें बच सकती हैं। ऐसे में आम जनों को खुद जागरूक होना होगा तभी असमय होने वाली मौतों से बचा जा सकेगा। सब कुछ जानते हुए भी बाइक चलाने वाले बाइक चलाने के समय हेलमेट नहीं पहनना अपनी शान समझते हैं। आए दिन पुलिसकर्मियों के साथ इस बात को लेकर बाइक सवारों के द्वारा बहस करने की भी शिकायतें सामने आती है। वहीं बिना हेलमेट के बाइक सवार के पकड़े जाने पर जनप्रतिनिधि से लेकर खुद को समाजसेवी कहने वाले लोग थानाध्यक्ष के पास बाइक छुड़वाने की पैरवी भी करने पहुंच जाते हैं। कुछ लोगों द्वारा यह भी कहा जाता है कि, थोड़ी सी दूरी के लिए हेलमेट क्यों पहने। लोगों को इस बात को समझना चाहिए की ट्रैफिक नियम का पालन करने से उनके जानकी ही सुरक्षा होगी। 

कुमार चंदन,ग्राम समाचार संवाददाता,बौंसी।

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Editor - कुमार चन्दन, बाँका (बिहार)

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