expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Online Education


Chandan News: सात निश्चय योजना की जलापूर्ति में खाना पुर्ति,ग्रामीणों को चिल्लाती धूप में पानी की किल्लत

ग्राम समाचार,चांदन,बांका। इन दिनों चांदन प्रखंड क्षेत्र में बने सात निश्चय योजना या पीएचडी विभाग के द्वारा घर घर नल जल योजना के तहत मिलने वाली ग्रामीणों को पानी पीने की समस्या लगातार वृद्धि देखी जा रही है। जहां संवेदक या संचालक के द्वारा इस योजना के तहत सिर्फ खानापूर्ति कर सरकार की योजना को लूटे जा रहे हैं और इधर ग्रामीण 

क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या गहराते जा रहे हैं कहने की बात तो यह भी है की, ग्रामीणों की समस्या सुने तो कौन, जिसके कारण ग्रामीण के लोग थक हार कर खुद सुविधा ढूंढने में लगे हैं। इस दौरान जल की समस्या जब मीडिया कर्मी को मिला तभी कुसुम जोरी पंचायत के इर्द-गिर्द गांव जैसे वार्ड नंबर 3 गोवरदाहा वार्ड नंबर 5 लेटवा,वार्ड नंबर 10 कुसुम जोरी, पिपराडीह, गोरयम्बा, इत्यादि के ग्रामीणों से जल समस्या का 

हालचाल पूछा गया तो बताया जाता है कि हमारे गांव में सात निश्चय योजना के तहत जल मीनार तो बना है लेकिन देखने तक ही सीमित है। क्योंकि पंप संचालक भखरु दास इत्यादि के द्वारा कोई न कोई बहाना बनाकर सिर्फ खानापूर्ति किया जाता है। कभी कबार दिन में एक बार वह भी 10 से 15 मिनट तक ही पानी देखकर बंद कर देते हैं। और कहीं मोटर खराब, बिजली आपूर्ति की बहाना बना कर बंद पड़े हैं। इस संबंध में 

ठेकेदार संवेदक,को एवं चांदन वीडियो दुर्गाशंकर ने बताया कि इस तरह की समस्या हमारे संज्ञान में नहीं आया है, जांच उपरांत पता लगा कर जल नल योजना को दुरुस्त करते हुए सुचारू ढंग से पानी मुहैया कराया जाएगा। इस मौके पर दर्जनों ग्रामीण महिला ने अपनी पीड़ा को ब्यां करते हुए उपस्थित थे। देखिए कुसुम जोरी वार्ड नंबर 3 की हाल। 

उमाकान्त साह,ग्राम समाचार संवाददाता,चांदन,बांका।

Share on Google Plus

Editor - कुमार चन्दन, बाँका (बिहार)

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें