expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Rewari News : कृषि बिलों को लेकर सरकार की मंशा ठीक नहीं : चिरंजीव राव

ग्राम समाचार न्यूज : रेवाडी : कृषि कानूनों पर सुर्पीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि किसानों की मांग है कि काले कानून वापिस लो न कि कमेटी बनाने की मांग की थी। यह सब कुछ सरकार का दिखावा है। सरकार घुमा फिराकर किसान भाईयों को घुमरा कर रही है ताकि वे अपना आंदोलन खत्म कर दें। लेकिन जब तक काले कानून वापिस नही तब तक किसान भाई अपना आंदोलन खत्म करने वाले नही है। चिरंजीव राव ने कहा कि सरकार की नाकामयाबी है कि सुर्पीम कोर्ट को बीच में आना पड रहा है। सरकार के पास किसानों से बात करने का समय ही नही है। जब काूननों को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बनाया है और पास संसद में हुआ है तो सुर्पीम कोर्ट उनको कैसे खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता सरकार के इरादों को समझता है उनकी मांग साफ है कृषि-विरोधी कानून वापस लो बस। 



विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि कांगे्रस की सरकार बनने पर इन तीने काले कानूनों को रद्द किया जाएगा। राव ने भाजपा सरकार को आडे हाथ लेते हुए कहा कि मौजूदा सरकार से हर किसी का मोह भंग हो चुका है। यह सरकार किसी की नही हो सकती। अभी ग्राम सचिव की लिखित परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ है। 12-12 लाख रूपये में नौकरियों के बंदर बांट चल रही है। उससे पहले भी जितनी भी भर्ती हो रही है उनमें लिखित परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। जबकि यह सरकार पारदर्शिता की बात कर रही है। किसान भाई सडकों पर है और सुर्पीम कोर्ट के माध्यम से किसानों को घुमराह किया जा रहा है। कर्मचारियों की सेलरी समय पर नही आ रही है। इन सभी बातों को लेकर हरियाणा कांग्रेस कमेटी आगामी 15 जनवरी शुक्रवार को चंडीगढ में राजभवन को घेराव करेगी। जिसमें हरियाणा के सभी विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद सहित अन्य नेतागण पंहूचेगें। सभी कार्यकर्ताओं से मेरी अपील है कि 15 जनवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में चंडीगढ पंहूचे।

Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें