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Godda News: धुम्रपान एवं तंबाकू का सेवन हानिकारक है



ग्राम समाचार गोड्डा ब्यूरो रिपोर्ट:-     कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद गोड्डा  राजीव मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख लोगों की मृत्यु तंबाकू जनित रोगों जैसे- कैंसर, स्ट्रॉक तथा हृदय रोग आदि से होता है। झारखंड में 38.9 प्रतिशत लोग किसी ना किसी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन से मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जो कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है एवं असमय लोग मृत्यु/ अपंगता के शिकार हो जाते हैं, राज्य में हर वर्ष लगातार कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तंबाकू सेवन से सिर, गर्दन, गले और फेफड़े के कैंसर के मामले सर्वाधिक है। 90 प्रतिशत ओरल कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं। आतः जनमानस द्वारा तंबाकू के उपयोग को सीमित करने की आवश्यकता है। 

भारत सरकार द्वारा तंबाकू उपयोग को नियंत्रित कर इससे होने वाले बीमारियों से बचाने के उद्देश्य या सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद ( विज्ञापन का प्रतिशेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन प्रदान और वितरण का विनियोग) अधिनियम ( COTPA-2003) लागू किया गया है। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादन के उपयोग को रोकने, तंबाकू के हानिकारक लत से बचने तथा तंबाकू उत्पादन के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध लगाना है। 

अव्यस्कों एवं कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के पत्र संख्या D.O No.P-16012/14/2017-TC, दिनांक- 21 सितंबर 2017 के माध्यम से सूचित किया गया है, कि तंबाकू उत्पाद का विक्रय करने वाले दुकानों पर टॉफी, कैंडी , चिप्स , बिस्कुट, पेय पदार्थ इत्यादि की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाना है। साथ ही तंबाकू उत्पादों के व्यापारियों/ दुकानदारों को नगर निगम या स्थानीय निकायों से लाइसेंस/ अनुज्ञप्ति अनुमति प्राप्त कर इसका विक्रय करने का सुझाव दिया है।

विदित हो कि अव्यस्कों एवं किशोरों को तंबाकू से दूर रखने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का किशोर न्याय ( बाल देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 के अनुसार 18 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी प्रकार का मादक/ नशीला पदार्थ तंबाकू उत्पाद बेचने पर 07 साल की कैद एवं 01 लाख रुपए तक के जुर्माना का प्रावधान है। 

झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के द्वारा 455 के अनुसूची 13 187 के अनुसार स्वास्थ्य के लिए खतरनाक किसी भी तरह का तंबाकू उत्पाद एवं इसके हानिकारक प्रवृति के मद्देनजर किसी भी परिसर में सभी तरह के तंबाकू उत्पाद ( सिगार, सिगरेट, बीड़ी, नसवार सहित) का विपणन, भंडार, पैकिंग, प्रसंस्करण, सफाई, विनिर्माण ( किसी भी विधि द्वारा) बिना लाइसेंस/ अनुज्ञप्ति अथवा अनुमति के नहीं किया जा सकता है। नगर परिषद के संज्ञान में आया है कि गोड्डा शहर के विभिन्न दुकानों/ परिसरों में तंबाकू उत्पाद की बिक्री बिना लाइसेंस/ अनुज्ञप्ति अथवा अनुमति के की जा रही है, जो कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 का उल्लंघन है। 

अतः झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनहित में, किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद का विपणन, भंडारण पैकिंग, प्रसंस्करण, सफाई, विनिर्माण (किसी भी विधि द्वारा ) गोड्डा नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत बिना लाइसेंस/ अनुज्ञप्ति अथवा अनुमति के प्रतिबंधित है। 

साथ ही लाइसेंस/ अनुज्ञप्ति धारक विक्रेता झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 का सख्ती से अनुपालन करते हुए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) 2003 खाद्य संरक्षण अधिनियम 2006 एवं बाल विकास मंत्रालय का किशोर न्याय ( बाल देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 का उल्लंघन नहीं करेंगे तथा तंबाकू उत्पाद की दुकानों पर टॉफी, कैंडी, चिप्स, बिस्कुट, पेय पदार्थ इत्यादि की बिक्री नहीं करेंगे।

यदि कोई व्यापारी /दुकानदार /व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 455, 459 एवं 466 के अनुरूप दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी तंबाकू या तंबाकू उत्पाद बेचने वाले व्यापारी/ दुकानदार नगर परिषद गोड्डा से लाइसेंस /अनुज्ञप्ति अथवा अनुमति प्राप्त कर तंबाकू उत्पाद की बिक्री कर सकते हैं।



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Editor - भुपेन्द्र कुमार चौबे

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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