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Mahagama - महागामा रेफरल अस्पताल भगवान भरोसे, यहाँ मरीजो का सुननेवाला कोई नहीं

  


ग्राम समाचार महागामा (गोड्डा)। महागामा अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा है, यहां मरीजो का कोई सुननेवाला नहीं है। जी हां महागामा रेफरल अस्पताल में आय दिन बाहर से आए मरीजो को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां ड्यूटी पर तैनात डाक्टर नहीं मिलते हैं। इलाज के लिए मरीजो के साथ आने वाले परिजनों का कहना है कि जब अस्पताल में मरीज आते है तो डॉ0 नदारत रहते हैं। वाड में ड्यूटी कर रहे नर्स डॉ0 को सूचना देते हैं तब वे आते हैं। उस पर भी लेट लतीफ कर के आते है जिससे मरीजो के साथ आने वाले परिजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकतर मरीज यहां से रेफर कर दिए जाते है।

ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को देखने को मिला।

मेहरमा प्रखंड क्षेत्र के आमोर पंचायत के मुखिया शंकर राम अपने पंचायत के खीरोंदी गांव की आदिवासी महिला रिपु हेम्ब्रम पति प्रकाश मरांडी जो एक सप्ताह पूर्व मेहरमा अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था उन्हें कुछ परेशानी होने के बाद महागामा अस्पताल लेकर आए थे जहां डॉ0 को ड्यूटी से नदारत पाया ड्यूटी पर तैनात नर्स से पूछे जाने पर नर्स मरीज का फर्म भर कर कर डॉ0 के पास उनके आवास पर जाता है जहां डॉ0 ने मरीज को बिना देखे उसे रेफर कर दिया यह देख मुखिया को बड़ी हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि रोगी को देखे बिना कैसे रेफर कर दिया जाता है। जब उस मरीज में सीरीयस जैसी कोई बात नहीं है।


अस्पताल के डाक्टरो की इस हरकत को देख मुखिया शंकर राम वहीं पर बैठ गए और डॉ0 को आने, मरीज को देखने तथा यही पर इलाज करने की मांग करने लगे यह देख अस्पताल में अन्य मरीजो के साथ आए परिजन भी डॉ0 के रवय्ये से नाराज होकर मुखिया के साथ बैठ कर उनकी आवाज बुलंद करने लगे। 


वही मुखिया शंकर राम ने कहा कि जब सभी रोगी रेफर ही हो जाते हैं तो फिर इस अस्पताल की महागामा में जरूरत ही क्या है।


वही एक महिला अपना प्रसव करने के लिए आई थी जो सुबह से ही दर्द से परेशान थी परिजन भी उनका यह हालत देख लोगों से गुहार लगा रहे थे कि मेरा मरीज का हालत बहुत ही खराब हो रहा है उसे कोई रेफर करवा दे या फिर डॉ0 को वुलावा कर उनकी प्रसव करवा दे। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। इस बीच चिकित्सा प्रभारी निर्मला बेसरा को दर्जनों वार फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने किसी का फोन उठाने की जहमत तक नहीं उठाई। तब किसी ने सीएस को फोन लगाकर मामले की सूचना दी सीएस ने मामले की गंभीता को देखते हुए फ़ौरन चिकित्सा प्रभारी को जाकर मरीजो को देखने के निर्देश दिए।


इस बीच अस्पताल में हंगामा होने की सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी को मिली तो वे पुलिस बल को लेकर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा प्रभारी को बुलावाकर मामले को शांत कराया। 

                     - ग्राम समाचार महागामा (गोड्डा)।

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