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Godda News : ललमटिया मिशन स्कूल के सामने दो दिन पूर्व में किया था चोरी आखिरकार पकड़े गये चोरों, बड़ा भोड़ाई ग्रामीणों को किया सुदुर्प

ग्राम समाचार, बोआरीजोर(गोड्डा)। दो दिन पुर्व रात्रि में ललमटिया डकैता मिशन स्कूल के सामने अलबेस्टर तोड़कर दुकान में किया था चोरी। आज उसे पड़ कर चोरों को बनाया गया बंधक, चोरी किए गये सभी समान को भी बरामद किया गया। चोरी में पकड़े गये सभी चोर बड़ा भोड़ाई गांव के निवासी है। 

यह मामला गोड्डा जिला में स्थित राजमहल परियोजना कोयला खदान से प्रभावित विस्थापित बड़ा भोड़ाई गांव का है। यह गांव लालमटिया डकैता मौजा में बीस साल पहले परियोजना द्वारा विस्थापित किया गया गांव है। चोरों ने दुकान से 10000 पैसा के अलावा दुकान के कई सामानों को भी चोरी कर लिया गया था जिसमें म्यूजिक बाक्स,गैस सिलेंडर,चुल्हा,आटा,सिगरेट ,तीन मोबाईल,पंखा,अगुठी इत्यादि कई सामान दुकान से चोरी करके नौ दो ग्यारह हो गए थे। आज 2 दिन बीतने के बाद जिसके दुकान में चोरी हुई थी उस घर के लोगों ने चोरों पर पैनी नजर रखकर तलाशने की कोशिश की जा रही थी। आखिरकार दो दिन के बीत जाने के बाद चोर को पकड़ा ही लिया गया और चोर ने यह भी कबूल किया है कि हां हमलोगों ने ही दुकान में चोरी किया है। ओर साथी से मिलकर चोरी करने की भी बात सामने आई है। चोरों द्वारा चोरी किए गए सामान को भी बरामद कर लिया गया।

आप इस तस्वीर में लड़के को देख सकते हैं। इनमें से कुछ नाबालिग लड़का भी शामिल है इस उम्र में इन सारे बच्चे पढ़ाई के बदले में चोरी करके अपनी जिंदगी गुजर बसर में लगे हुए हैं यह हमारे समाज के लिए घातक ही साबित होगा।

मिली सूत्रों के अनुसार इन सभी चोरों,  परिजन के मोहताज भी है मालूम हो किसी का मां है तो बाप नहीं है, किसी का बाप है तो मां नहीं है। किसी का तो मां-बाप ही नहीं है। ग्रामीणों के मिली सुत्रों के अनुसार पहले भी ये सभी लड़के चोरी में पकड़े गए थे। विगत कुछ दिन पहले भी ग्रामीण स्तर पर विचार विमर्श कर उन्हें छोड़ भी दिया गया था। इसके बावजूद भी लगातार इस तरह के अंजाम को देते जा रहे हैं। ये सभी चोर आदिवासी समुदाय से जुड़े लोग हैं और आदिवासियों ने राजमहल परियोजना को जमीन तो दे दिया अब उन विस्थापित लोगों के पास जमीन तो नहीं है पैसा था वह खत्म हो गया अब गरीबी जिंदगी से गुजर बसर कर रहे परिवारों के बच्चों की जिंदगी गलत रास्ते में भटक गया। 

जमीन आदिवासियों का एक सुरक्षा कवच है परियोजना में जमीनोदोज के बदले में मुआवजा को लेकर पैसा तो मिला था लेकिन जमीन वापस नहीं मिला। अब विस्थापित लोगों के पास रोजगार भी नहीं है और जमीन भी नहीं है। ये राजमहल परियोजना से विस्थापित लोगों की जीवन लीला है। बंधक बनाये गये तीन चोरों को ग्रामीणों के स्तर से बात करने को लेकर बड़ा भोड़ाई गांव ले जाया गया, खबर लिखे जाने तक।

-ग्राम समाचार, बोआरीजोर(गोड्डा)।

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Editor - विलियम मरांड़ी।

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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