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झारखंड के राज्यपाल ने उपराजधानी में झंडोत्तोलन किया.

झारखंड के राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपस्थित जनता को संबोधित किया.

"प्यारे राज्यवासियों,आजादी के बाद 73 वर्षों में हमारे देश में लगभग सभी क्षेत्रों में तरक्की की है। इस दौरान हमने कई उतार-चढ़ाव भी देखे हैं, परंतु देश के विकास के मार्ग में आने वाली हर बाधा को हमने मिलजुल कर सामना किया है और उससे पार-पाने में सफलता भी पायी है। हम सब जानते हैं कि वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। हमारा देश व राज्य भी इससे अछूता नहीं है। इस महामारी की विभीषिका के कारण पूरे विश्व में करोड़ों लोग संक्रमित हुए हैं और लाखों की संख्या में लोगों की अकाल मृत्यु हुई है। इस मुश्किल घड़ी में हमारी सरकार इस त्रासदी से निपटने के लिए रणनीति बनाकर हर मोर्चे पर काम कर रही है और इस लड़ाई में हमें राज्य की जनता का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में हमारे डॉक्टर चिकित्साकर्मियों स्वच्छताकर्मियों तथा पुलिस बल के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। इन लोगों की दिन-रात की मेहनत और निःस्वार्थ सेवा के कारण ही हम इस त्रासदी के कुप्रभाव को कम करने में काफी हद तक सफल हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज में कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ाई में कार्यरत लोगों का हृदय से अभिनंदन करती हूँ और उनके जज्बे को सलाम करती हूँ।

झारखंड का इतिहास संघर्ष का इतिहास रहा है। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने और राज्यवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। चाहे राज्य के भीतर नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का मामला हो या देशव्यापी लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे छात्रों,श्रमिकों आदि को राशन,खाना-पीना और अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की बात हो हमारी सरकार ने आगे बढ़कर पूरी मजबूती के साथ काम किया है।

विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के प्रवासी श्रमिकों एवं छात्रों को वापस लाने के लिए हमारी सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सभी राज्यों के लिए नोडल पदाधिकारी नामित किए गए, जिनके द्वारा अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों को अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचाने में आवश्यक सहायता प्रदान की गई। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम का संचालन किया गया।जिसमें विभिन्न राज्यों एवं जिलों में फंसे आम जनों के द्वारा संपर्क स्थापित किया गया एवं उन्हें अपेक्षित सहयोग एवं परामर्श दिया गया।इस प्रकार विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड राज्य के 530763 श्रमिकों को सकुशल घर पहुंचाया गया।यहां तक कि सुदूरवर्ती प्रदेशों में रेल सेवा तथा बस सेवा के माध्यम से फंसे प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए उन्हें एयर लिफ्ट करा कर सकुशल वापस लाया गया।

हमारी सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण से बचाव तथा रोकथाम के अंतर्गत क्वॉरेंटाइन व्यवस्था सैंपल संग्रह स्क्रीनिंग व्यवस्था डायग्नोस्टिक लैब एवं अन्य उपकरणों की व्यवस्था की गई तथा इस महामारी से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार प्रसार कर आम जनों को जागरूक किया गया।जिससे संक्रमण के प्रभाव को कम करने में हम काफी हद तक सफल हुए हैं। इस महामारी से लड़ने हेतु मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल प्रथम रेफरल इकाई व अन्य अस्पतालों में बेडो की संख्या बढ़ाना मानव संसाधनों यथा एमबीबीएस चिकित्सक विशेषज्ञ चिकित्सक आयुष चिकित्सक पारा चिकित्साकर्मी की उपलब्धता एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण एवं विचार किया जा रहा है।

गरीब और असहाय रोजमर्रा का जीवन व्यतीत करने वाले लोगों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों तथा दैनिक मजदूरी कर गुजर बसर करने वालों पर इस वायरस का व्यापक दुष्प्रभाव पड़ा है। ऐसे लोगों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न ना हो इसलिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री दल भात योजना अंतर्गत पूर्व से संचालित 377 केंद्रों के अतिरिक्त 361 विशिष्ट दाल भात केंद्र 458 विशेष दाल भात केंद्र 382 अतिरिक्त दाल भात केंद्र तथा 94 प्रवासी मजदूर दाल भात केंद्र का संचालन सुनिश्चित किया गया, जिससे लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूर गरीब निर्धन अन्य राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों तथा राज्य में फंसे दूसरे राज्य के मजदूरों की खाद्यान सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा सके। इन सभी दाल भात केंद्रों में अब तक लगभग 2 करोड़ 73 लाख व्यक्तियों ने मुफ्त भोजन ग्रहण किया है।

कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए आपातकालीन परिस्थिति में आकास्मिक राहत पैकेट,जिसमें 2 किलोग्राम चूड़ा 500 ग्राम गुड़ तथा 500 ग्राम चना सम्मिलित है,के वितरण का निर्णय लिया गया।इसके अंतर्गत रांची जिला में 5000 तक तथा अन्य 23 जिलों में 2000 पैकेट प्रति जिला वितरित किया गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित होने हेतु राशन कार्ड बनाने के लिए ईसीएमएस के अंतर्गत लंबित आवेदनों के आधार पर माह अप्रैल एवं मई 2020 में सुपात्र परिवारों को 10 किलोग्राम चावल प्रति परिवार प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया तथा अब तक इससे 13 लाख 36 हज़ार परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है।

एक तरफ इस महामारी से लड़ने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ राज्य के विकास का पहिया अनवरत आगे बढ़ता रहे इसके लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है।

हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है।कोरोना महामारी ने हमारी अर्थव्यवस्था को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।कृषि ही वह क्षेत्र है जो हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान से उबरने की क्षमता रखता है। हमारी सरकार इस पर लगातार कार्य कर रही है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में कृषि ऋण के बोझ से दबे राज्य के छोटे व सीमांत किसानों को उनके अल्पकालीन फसल ऋण की माफी के लिए ऋण माफी योजना प्रक्रियाधीन है। सरकार ने इस वर्ष ऋण माफी योजना अंतर्गत राज्य के किसानों का दो हजार करोड़ रुपए ऋण माफी का लक्ष्य रखा है।राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक खेती प्रमाणीकरण तथा जैविक खाद उत्पादन प्रोत्साहन की योजना चलाई जा रही है। इस योजना अंतर्गत किसानों को लगभग 46 करोड़ रुपये का अनुदान दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

लैम्प्स/पैक्स के माध्यम से किसानों को खाद बीज,कीटनाशक दवा,फसल बीमा कार्य,धान अधिप्राप्ति इत्यादि का कार्य कराया जाता है।हमारी सरकार ने लैम्प्स/पैक्स को कार्यशील पूंजी एवं आधारभूत संरचना के फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के प्रत्येक प्रखंड में अवस्थित एक लैम्प्स/पैक्स को मॉडल रूप में विकसित करने हेतु प्रति लैम्प्स/पैक्स कार्यशील पूंजी के रूप में ₹5 लाख रुपये एवं आधारभूत संरचना के रूप में 2 लाख उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

वर्तमान परिदृश्य में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए मछली पालन के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।मछली पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु राज्य में किसानों को निजी जमीन पर 62 एकड़ तालाब का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें से 17 एकड़ तालाब निर्माण का कार्य संथाल परगना क्षेत्र के लिए स्वीकृत किया गया है। राज्य में हाइजीनिक तरीके से मतस्य विपणन को प्रोत्साहित करने हेतु चार नए कुदरा मछली बाजारों का निर्माण कराया जा रहा है।

हमारी सरकार ने कृषि क्षेत्र में सिंचाई की महत्ता को देखते हुए राज्य भर में पूर्व से कार्यान्वित हो रहे 350 चेक डैम योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके द्वारा राज्य के छोटे-छोटे नदी नालों के प्रभाव को चेक डैम के माध्यम से जल का संचयन किया जाएगा जो सिंचाई के साथ-साथ ग्रामीणों की अन्य दैनिक जल की आवश्यकता हेतु काफी फलदायी होगा।

कोरोना ने मानव जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है।शिक्षा के क्षेत्र में तो अभी से ही इसका व्यापक असर दृष्टिगोचर होने लगा है। विपदा की इस घड़ी में शिक्षा व्यवस्था पर कोरोना के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए हमारी सरकार सतत प्रयत्नशील है राज्य में अप्रैल 2020 से "डीजी-साथ कार्यक्रम" के अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षा संचालित की जा रही है। जिससे राज्य के लगभग 14 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें संताल परगना क्षेत्र के 4.50 लाख विद्यार्थी भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दूरदर्शन के माध्यम से भी पठन-पाठन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है"।

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Editor - दशरथ महतो,दुमका

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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