ग्राम समाचार जामताड़ा।
कोरोना वैश्विक महामारी के नियंत्रण को लेकर चल रहे लॉक डाउन अवधि में विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर एवं छात्र छात्राओं को निशुल्क घर वापसी,ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त किसानों को मुआवजा, घर पहुंचे पर वासियों एवं छात्रों के बैंक खाता में दस हजार रुपए भेजने की मांग को लेकर शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित सीपीआईएम पार्टी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। मौके पर सीपीआईएम के कॉमरेड सुजीत सिन्हा, चंडीदास पुरी आदि वक्ताओं ने कहा लॉक डाउन के कारण अन्य राज्य में फंसे प्रवासी मजदूर एवं छात्र को घर वापसी के लिए किराया चुकाना पड़ रहा है, उसे निशुल्क घर वापसी हो। प्रवासी मजदूर समेत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जो आयकर के दायरे में नहीं है, वैसे प्रत्येक के परिवार को दस दस यूरोपीय बैंक खाता के माध्यम से दिया जाए, के सभी क्षेत्रों में खाद्य में वितरण में पारदर्शिता लाई जाए। जिले के सभी 118 पंचायत में मनरेगा योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए ताकि अधिक से अधिक मजदूर को काम मिल सके,सरकारी घोषणा अनुसार दैनिक मजदूरी 272 रुपए भुगतान किया जाए। मनरेगा कार्य में बिचौलिया प्रथा समाप्त करने,किसानों के लिए धान क्रय केंद्र खोलने, एवं प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि आदि के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 15000 रुपए प्रति एकड़ की दर से क्षतिपूर्ति दिए जाने के मांग सरकार से किया। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में वामपंथी दल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया हालांकि लोक डाउन के अनुपालन एवं शारीरिक दूरी बनाते हुए प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी समस्या सरकार के समक्ष रखा। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में वामपंथी पार्टी के सचिन राना ,सुजीत माझी, अशोक भंडारी , अमरेंद्र प्रसाद निमाई राय लोकनाथ राणा एवं कुंडहित प्रखंड के सी हरसोली में कम रेड सुकुमार बावरी तथा अंबा में कम रेड सीताराम गोराई, मानिक ठाकुर आदि के नेतृत्व में दर्जनों साथियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
- अरविंद ओझा, ग्राम समाचार, जामताड़ा
कोरोना वैश्विक महामारी के नियंत्रण को लेकर चल रहे लॉक डाउन अवधि में विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर एवं छात्र छात्राओं को निशुल्क घर वापसी,ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त किसानों को मुआवजा, घर पहुंचे पर वासियों एवं छात्रों के बैंक खाता में दस हजार रुपए भेजने की मांग को लेकर शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित सीपीआईएम पार्टी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। मौके पर सीपीआईएम के कॉमरेड सुजीत सिन्हा, चंडीदास पुरी आदि वक्ताओं ने कहा लॉक डाउन के कारण अन्य राज्य में फंसे प्रवासी मजदूर एवं छात्र को घर वापसी के लिए किराया चुकाना पड़ रहा है, उसे निशुल्क घर वापसी हो। प्रवासी मजदूर समेत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जो आयकर के दायरे में नहीं है, वैसे प्रत्येक के परिवार को दस दस यूरोपीय बैंक खाता के माध्यम से दिया जाए, के सभी क्षेत्रों में खाद्य में वितरण में पारदर्शिता लाई जाए। जिले के सभी 118 पंचायत में मनरेगा योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए ताकि अधिक से अधिक मजदूर को काम मिल सके,सरकारी घोषणा अनुसार दैनिक मजदूरी 272 रुपए भुगतान किया जाए। मनरेगा कार्य में बिचौलिया प्रथा समाप्त करने,किसानों के लिए धान क्रय केंद्र खोलने, एवं प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि आदि के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 15000 रुपए प्रति एकड़ की दर से क्षतिपूर्ति दिए जाने के मांग सरकार से किया। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में वामपंथी दल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया हालांकि लोक डाउन के अनुपालन एवं शारीरिक दूरी बनाते हुए प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी समस्या सरकार के समक्ष रखा। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में वामपंथी पार्टी के सचिन राना ,सुजीत माझी, अशोक भंडारी , अमरेंद्र प्रसाद निमाई राय लोकनाथ राणा एवं कुंडहित प्रखंड के सी हरसोली में कम रेड सुकुमार बावरी तथा अंबा में कम रेड सीताराम गोराई, मानिक ठाकुर आदि के नेतृत्व में दर्जनों साथियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
- अरविंद ओझा, ग्राम समाचार, जामताड़ा

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