ग्राम समाचार, नई दिल्ली। 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर रविवार को राजपथ पर ऐसा समां बंधा मानों इस ऐतिहासिक सड़क पर पूरा हिन्दुस्तान उतर आया हो। राजपथ पर मौजूद हजारों लोग भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, न्यू इंडिया की तरक्की और स्वावलंबी भारत की तस्वीर देखने को मिली।
इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में भी भारत ने अपने दम-खम को दुनिया के सामने रखा। चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट से लोग रोमांचित हो उठे। इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों की झांकियों ने भी लोगों का खूब मन मोहा।
परेड की शान तान्या शेरगिल
कैप्टन तान्या शेरगिल इस बार गणतंत्र दिवस पर परेड की अगुवाई की। खास बात ये रही कि उन्होंने पुरुषों के परेड का नेतृत्व किया। आर्मी के कार्प्स ऑफ सिग्नल्स की कैप्टन तान्या शेरगिल पंजाब के होशियारपुर से हैं और सेना के सिग्नल कोर में कैप्टन हैं। परेड के दौरान उनकी चौकसी, तेजी और फुर्ती देखते ही बन रही थी।
ब्राजील से आए खास मेहमान
गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर परंपरा के मुताबिक इस बार भी एक खास मेहमान भारत आए थे। इस बार के मेहमान थे ब्राजील के राष्ट्रपति जायर मेसियस बोलसोनारो। राजपथ पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले पीएम नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। यहां पर उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ये पहली बार है जब गणतंत्र दिवस के दिन पीएम ने वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेना के प्रमुख मौजूद थे।
राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी
राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तिरंगा फहराया, यहां पर सेना ने उन्हें 21 तोपों की सलामी की। इसके बाद सेना ने परेड की सलामी ली। कार्यक्रम के दौरान पूरे समय सुनहरी धूप खिली रही और लोग परेड का आनंद लेते रहे।
इस दौरान राजपथ पर कड़ी सुरक्षा के बीच देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा कैबिनेट मंत्री व दूतावास के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
राजपथ पर करीब 90 मिनट तक चले कार्यक्रम के दौरान परेड में 22 झाकियां निकाली गईं। इनमें 16 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थीं। इसके अलावा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कार्यो की छह झांकियां प्रदर्शित की गईं। समारोह में 16 मार्चिंग दस्ते और 21 बैंड नजर आए।
परेड में हाल ही में भारतीय वायुसेना में हाल ही में शामिल हुए चिनूक और अपाचे युद्धक हेलीकॉप्टर को सैन्य परेड में शामिल किया गया था। युद्धक साजो-सामान और कमाल की क्षमता से लैस इन हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट ने लोगों को रोमांचित कर दिया। भारतीय वायुसेना के सुखोई विमान एसयू-30 एमकेआई ने 900 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरकर आसमान में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। राजपथ पर ही सुखोई विमानों ने आसमान में त्रिशूल फॉरमेशन किया।
गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ पर पहली बार स्वदेश में निर्मित धनुष तोप का प्रदर्शन किया गया। धनुष तोप 36।5 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसके अलावा टी-90 भीष्म टैंक और के-9 वज्र-टी टैंक को भी पेश किया गया।
एंटी-सैटेलाइट सिस्टम की ताकत
71वें लोकतंत्र दिवस के मौके पर इस बार राजपथ पर मिशन शक्ति के तहत निर्मित एंटी-सैटेलाइट सिस्टम को प्रदर्शित किया गया। पिछले साल 27 मार्च को भारत ने एंटी सैटलाइट मिसाइल का कामयाब परीक्षण किया था। डीआरडीओ के इस मिसाइल ने परीक्षण के दौरान पृथ्वी की सतह से 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित 'लो अर्थ ऑर्बिट' पर भारत के ही एक डीकमीशन हो चुके सैटलाइट को मार गिराया था। इस मिशन को 3 मिनट में पूरा कर लिया गया था।
जम्मू-कश्मीर की झांकी
71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर बतौर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की झांकी पहली बार इस परेड में शामिल हुई। इस झांकी का थीम था गांव की ओर वापस चलो। जल शक्ति मंत्रालय की झांकी में जल जीवन मिशन का महत्व बताया गया था।
(एजेंसी रिपोर्ट)
इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में भी भारत ने अपने दम-खम को दुनिया के सामने रखा। चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट से लोग रोमांचित हो उठे। इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों की झांकियों ने भी लोगों का खूब मन मोहा।
परेड की शान तान्या शेरगिल
कैप्टन तान्या शेरगिल इस बार गणतंत्र दिवस पर परेड की अगुवाई की। खास बात ये रही कि उन्होंने पुरुषों के परेड का नेतृत्व किया। आर्मी के कार्प्स ऑफ सिग्नल्स की कैप्टन तान्या शेरगिल पंजाब के होशियारपुर से हैं और सेना के सिग्नल कोर में कैप्टन हैं। परेड के दौरान उनकी चौकसी, तेजी और फुर्ती देखते ही बन रही थी।
ब्राजील से आए खास मेहमान
गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर परंपरा के मुताबिक इस बार भी एक खास मेहमान भारत आए थे। इस बार के मेहमान थे ब्राजील के राष्ट्रपति जायर मेसियस बोलसोनारो। राजपथ पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले पीएम नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। यहां पर उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ये पहली बार है जब गणतंत्र दिवस के दिन पीएम ने वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेना के प्रमुख मौजूद थे।
राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी
राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तिरंगा फहराया, यहां पर सेना ने उन्हें 21 तोपों की सलामी की। इसके बाद सेना ने परेड की सलामी ली। कार्यक्रम के दौरान पूरे समय सुनहरी धूप खिली रही और लोग परेड का आनंद लेते रहे।
इस दौरान राजपथ पर कड़ी सुरक्षा के बीच देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा कैबिनेट मंत्री व दूतावास के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
राजपथ पर करीब 90 मिनट तक चले कार्यक्रम के दौरान परेड में 22 झाकियां निकाली गईं। इनमें 16 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थीं। इसके अलावा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कार्यो की छह झांकियां प्रदर्शित की गईं। समारोह में 16 मार्चिंग दस्ते और 21 बैंड नजर आए।
परेड में हाल ही में भारतीय वायुसेना में हाल ही में शामिल हुए चिनूक और अपाचे युद्धक हेलीकॉप्टर को सैन्य परेड में शामिल किया गया था। युद्धक साजो-सामान और कमाल की क्षमता से लैस इन हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट ने लोगों को रोमांचित कर दिया। भारतीय वायुसेना के सुखोई विमान एसयू-30 एमकेआई ने 900 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरकर आसमान में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। राजपथ पर ही सुखोई विमानों ने आसमान में त्रिशूल फॉरमेशन किया।
गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ पर पहली बार स्वदेश में निर्मित धनुष तोप का प्रदर्शन किया गया। धनुष तोप 36।5 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसके अलावा टी-90 भीष्म टैंक और के-9 वज्र-टी टैंक को भी पेश किया गया।
एंटी-सैटेलाइट सिस्टम की ताकत
71वें लोकतंत्र दिवस के मौके पर इस बार राजपथ पर मिशन शक्ति के तहत निर्मित एंटी-सैटेलाइट सिस्टम को प्रदर्शित किया गया। पिछले साल 27 मार्च को भारत ने एंटी सैटलाइट मिसाइल का कामयाब परीक्षण किया था। डीआरडीओ के इस मिसाइल ने परीक्षण के दौरान पृथ्वी की सतह से 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित 'लो अर्थ ऑर्बिट' पर भारत के ही एक डीकमीशन हो चुके सैटलाइट को मार गिराया था। इस मिशन को 3 मिनट में पूरा कर लिया गया था।
जम्मू-कश्मीर की झांकी
71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर बतौर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की झांकी पहली बार इस परेड में शामिल हुई। इस झांकी का थीम था गांव की ओर वापस चलो। जल शक्ति मंत्रालय की झांकी में जल जीवन मिशन का महत्व बताया गया था।
(एजेंसी रिपोर्ट)


0 comments:
एक टिप्पणी भेजें