ना ये Chemistry होती , ना मै इसका Student होता,
ना ये Laboratory होती , ना Heart Accident होता ,
Practical के दिन नजर आई एक लड़की ,
खुबसूरत सी नाक उसकी Test tube जैसी ,
होंठो पे उसके Glucose की मिठास थी ,
सांसो में Ether की खुशबू थी ,
Benzene सी उसकी आँखों का अंदाजा था ,
अँधेरे में वो चमकती थी, Radium मै समझता था,
एक दिन जब नजरें मिली, तो एक Reversible Reaction हुआ,
तब जा कर हमारे प्यार का Production हुआ,
अब तो लगने लगे उसके घर के चक्कर ऐसे,
Nucleus के चारो ओर घूमता हो Electron जैसे ,
जिस दिन हमारे प्यार का Confirmation था ,
उसी दिन हमारे उसके डैडी से Introduction था ,
उन्होंने कहा बेटा समझ ले अपनी औकात ,
Iron कभी मिल नहीं सकता Gold के साथ,
ऐसा कहकर उन्होंने तोड़ दिया हमारे अरमानो का Beaker,
हम तो चुपचाप रह गए, Benzaldihyde के कडवी घुट पीकर,
अब तो जिंदगी हो गयी Unsaturated Hydrocarbon की तरह,
बेकार घूमते है आवारा Hydrogen की तरह।
- खगेन्द्र
(खगेन्द्र फिलहाल HT Media, New Delhi में कार्यरत हैं)

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