ग्राम समाचार,बोआरीजोर(गोड्डा)। जब गांव में सड़क ही नहीं होगी, तो सरकारी योजनाएं धरातल तक कैसे पहुंचेंगी? यह सवाल खड़ा कर रही है कुल्वाह गांव की तस्वीर। प्रखंड मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव आज भी आदिम युग जैसी स्थिति में जी रहा है।
बोआरीजोर प्रखंड के मेघी पंचायत अंतर्गत आने वाले कुल्वाह गांव में अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। इसी बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कीचड़ से भरे रास्ते पर गुजर रहा ट्रैक्टर डेढ़ से दो फीट अंदर धंसकर फंस गया। इस तस्वीर ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
लगभग 500 की आबादी वाला यह गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र में आता है। आदिवासियों के नाम पर बोआरीजोर प्रखंड को अनुसूचित जनजाति प्रखंड कार्यालय का दर्जा तो मिल गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गांव अब भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी समय पर नेता वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन गांव तक पहुंचने वाली सड़क पर कभी किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। अब ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को इस समस्या से जल्द लिखित रूप में अवगत कराया जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन कब और कैसे इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देता है।


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