Bounsi News: दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने की मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना

ग्राम समाचार,बौंसी,बांका। बौसी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में शारदीय नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी कड़ी में बौंसी के पुरानी हॉट स्थित दुर्गा मंदिर में बुधवार को भी देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंच गए। महिला सहित बच्चों ने भी मां दुर्गा की पूजा अर्चना की और अपने परिवार की मंगल कामना की। मंदिर में श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना करने में दिक्कत ना हो इसको लेकर मंदिर समिति के द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पंडितों के अनुसार नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के देवी चंद्रघंटा रूप की पूजा करने का विधान है। माता का यह स्वरूप परम शांति दायक है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। दसों हाथों में अस्त्र-शस्त्र से विभूषित है। पौराणिक कथा के अनुसार जब असुरों का आतंक बढ़ने लगा तो मां दुर्गा ने मां चंद्रघंटा का अवतार लिया। उस समय असुरों का स्वामी महिषासुर था। जिसका देवताओं से भयंकर युद्ध चल 


रहा था। महिषासुर देवराज इंद्र का सिंहासन प्राप्त करना चाहता था। उस की प्रबल इच्छा स्वर्गलोक पर राज करने की थी। उसकी इस इच्छा को जानकर सभी देवता परेशान हो गए और इस समस्या से निकलने का उपाय जानने के लिए भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश के सामने उपस्थित हुए। देवताओं की बात को गंभीरता से सुनने के बाद तीनों को ही क्रोध आया। क्रोध के कारण तीनों के मुख से जो ऊर्जा उत्पन्न हुई। उससे एक देवी अवतरित हुई। जिन्हें भगवान शंकर ने अपना त्रिशूल और भगवान विष्णु ने चक्र प्रदान किया। इसी प्रकार अन्य देवी-देवताओं ने भी माता के हाथों में अपने अस्त्र शौंप दिए। देवराज इंद्र ने देवी को एक घंटा दिया। सूरज ने अपना तेज और तलवार दी। सवारी के लिए सिंह प्रदान किया। इसके बाद मां चंद्रघंटा महिषासुर के पास पहुंची। मां के स्वरूप को देखकर महिषासुर को यह आभास हो गया कि उसका काल आ गया है। महिषासुर ने मां पर हमला बोल दिया। इसके बाद देवताओं और असुरों में भयंकर युद्ध छिड़ गया। मां चंद्रघंटा ने महिषासुर का संघार किया। इस प्रकार मां ने देवताओं की रक्षा की।  वहीं दूसरी ओर प्रखंड क्षेत्र के श्यामबाजार स्थित दुर्गा मंदिर, सिकंदरपुर दुर्गा मंदिर, भंडारीचक दुर्गा मंदिर, कुड़रो दुर्गा मंदिर, गोकुला दुर्गा मंदिर, चांदन डैम स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में देवी दुर्गा की तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की गई। 

कुमार चंदन,ग्राम समाचार संवाददाता,बौंसी।

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Editor - कुमार चंदन,ब्यूरो चीफ,बाँका,(बिहार)

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