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Pakur News: पाकुड़िया प्रखंड में सिद्धपुर के गर्म कुंड में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

ग्राम समाचार, पाकुड़। पाकुड़िया सिद्पुर गर्म कुंड स्थल पर गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आदिवासी सफा और समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने महादेव, भगवान सूर्य, राम, कृष्णा आदि देवताओं की पूजा पारंपारिक विधि-विधान से की। झारखंड के अलावा बंगाल,बिहार के अलग-अलग जिले से भी लोग गर्म कुंड के जल में स्नान करने पहुंचे थे। हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने तुलसी पिंड से निर्मित सैकड़ों पूजा स्थलों पर त्रिशूल और झंडा गाड़ कर फल, फुल, बेलपत्र, मिष्ठान्न आदि चढ़ाया और भक्ति रस में डूब गए। आदिवासी श्रद्धालुओं ने यहां लगाए गए पूजा शिविरों में वाद्य यंत्रों के साथ भजन संकीर्तन मैं लीन हो गए। वहीं कई भक्तों ने पूजा के उपरांत मेले का भी आनंद उठाया। बता दे कि यहां गर्म पानी मेला का आयोजन किया है। मेला बुधवार से शुरू हुआ है। मेले में मनोरंजन के लिए तारा मची, सर्कस, चिड़ियाघर, संथाली ड्रामा, मीना, बाजार बूगी बूगी डांस प्रोग्राम का आयोजन भी हो रहा है, जिसका लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया। यहां मिठाई, लोहे एवं लकड़ी के निर्मित तरह तरह के सामान की भी जमकर खरीदारी हो रही है। मेले में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने और विधि व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस प्रशासन थाना प्रभारी मदन कुमार एवं कई थाना कर्मी मेला परिसर में मुस्तैद है। पुलिस पेट्रोलिंग गर्ल घूम-घूम कर भीड़ पर नजर रख रही थी। रात भर लोगों ने मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठाया। बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति के दिन हजारों की संख्या में साफा होड़ स्नान कर पूजा-अर्चना किए। पाकुड़िया में लोग स्नान ध्यान कर मकर संक्रांति का शुरुआत दही चूड़ा  के साथ किए। परंतु इस बीच बच्चों का ध्यान खाने-पीने एवं खिलौने में खास रुझावन देखा गया। इस स्थान पर कुछ लोग पुण्य कमाने आते हैं । तो कुछ लोग मेला घूमने प्राचीन काल में ऐसा माना गया है। राम जी के वनवास के समय मां सीता रामजी से बिछड़ कर वनवास के दौरान सीतपुर गर्म स्थल में स्नान की थी तभी से इस स्थान का नाम सीतपुर से प्रसिद्ध है। और यहां का जल हर वक्त गर्म रहता है। मौके पर चप्पे-चप्पे पर प्रशासन अपनी चौकशी शादी हुई है। साथ ही पाकुड़िया थाना प्रभारी मदन कुमार अपने वाहन मैं लगे हुए माइक के माध्यम से साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे थे। और अपने अपने सामान के सुरक्षा करते हुए । मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए दिखे। मौके पर डॉ गंगाशंकर शाह, संजय मुर्मू एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद थे। इस कुंड में सुबह 3:00 बजे से ही स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो जाता है। कुंड के गर्म पानी में सल्फर पाए जाने के कारण स्नान करने से चर्म रोग से निजात मिलता है। इस कुंड में स्नान करने के लिए ना सिर्फ पाकुड़िया प्रखंड के लोग पहुंचते हैं ,बल्कि झारखंड राज्य सहित अन्य राज्यों के लोग भी यहां जाड़े की ऋतु में स्नान करने पहुंचते है। पौराणिक कथान के अनुसार इस कुंड में चावल की पोटली बनाकर लोग रख देते थे और कुछ ही देर में वह भात की पोटली बन जाती थी। इसके बाद से ही इस कुंड को लोग अचंभित तरीके से देखने लगे। लोगों के आने जाने का भी सिलसिला शुरू हो गया। यह कुंड ही तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करने लगी। इसके साथ ही आस्था का भी जुड़ाव हो गया। कुंड में रात 12:00 बजे से सुबह 3:00 बजे तक स्नान करना आज भी वर्जित है। इस समय लोग स्नान नहीं कर सकते हैं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों की भीड़ उमड़ती है और कुंड मैं आस्था की डुबकी लगाकर सामूहिक पूजा आराधना करते हैं। आदिवासी सफा होने समाज के लोगों की यहां भारी भीड़ उमड़ी थी। वे लोग अपने अपने कुलगुरू या पुरखे बाबाओं के साथ गर्म कुंड में स्नान कर पूजा अर्चना भजन कीर्तन में लीन हो जाते हैं और दान कर्म करते हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां विराट गर्म पानी मेला का भी आयोजन होता है। पाकुड़ जिला के अलावा अन्य जिला एव राज्य के लोग भी इस मेले में शामिल होते हैं। नव वर्ष के उपलक्ष में ही हर साल यहां लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इस गर्म कुंड को विकसित करने में पूर्व विधायक मिस्त्री सोरेन का विशेष योगदान रहा है। वर्तमान विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी भी इस स्थल का विकास करने के लिए प्रयासरत हैं। जनप्रतिनिधियों के प्रयास से कुंड स्थल के उफ नुमा घेराबंदी स्नान करने के लिए गोलंबर चौताल का निर्माण कराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भी महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम यात्री विश्राम शेड, शौचालय पूजा स्थल आदि का निर्माण कराया गया है।

ग्राम समाचार, पाकुड़िया विशाल कुमार भगत की रिपोर्ट।


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Editor - रंजीत भगत, पाकुड़

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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