Bhagalpur news:सुल्तानुउल मशाइख शाह का मनाया गया उर्स-ए-पाक, बुजुर्गों की जीवनी से सबक लेने की जरूरत - सैयद हसन
ग्राम समाचार, भागलपुर। मशाकचक स्थित सुल्तानुउल मशाइख शाह रहमतुल्लाह अलैहि का सालाना उर्स-ए-पाक के मौके पर रविवार को जलसा का आयोजन किया गया। उर्स-ए-पाक के इस मौके पर बिहार, झारखंड और बंगाल के सैकड़ों जायरिनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। वहीं दूसरी ओर मदरसा के दो छात्रों की दस्ताबंदी खानकाह-ए-पीर दमड़िया के उप सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन द्वारा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खानकाह-ए-पीर दमड़िया के उप सज्जादानशीं शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि औलिया-ए-कराम और बुजुर्गों अल्लाह के दोस्त होते हैं। लिहाजा लोगों को उन से निसबत रखनी चाहिए। अल्लाह के वली अल्लाह की मोहब्बत और अंतिम पैगम्बर जनाब मोहम्मद सल्लाहो अलैहि वसल्लम के इश्क़ में दुनिया की चकाचौंध और उसकी मोहब्बत से दूर रहकर सिर्फ अल्लाह की इबादत और अल्लाह के बंदे की खिदमत में अपना जीवन गुजार देते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के जीवन से शिक्षा लेते हुए लोगों को चाहिए कि हमें उनके रास्ते पर चलते हुए हर तरह की मोहमाया, छल कपट और जूठ व धोखे से दूर और अल्लाह द्वारा भेजे गए अंतिम पैगम्बर हजरत मोहम्मद सल्लाहो अलैहि वसल्लम के बताए रास्ते पर चले। सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि बुजुर्गों की एक ही मिशन होता है। अल्लाह की इबादत और लोगों को सीधे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है। उर्स-ए-पाक के मौके पर लोगों ने मजार-ए-शरीफ पर चादरपोशी की। इस मौके पर मो. शाहजहां, डा. अख्तर तौहीद, मो.हुसैन, आरिफ, धीरन शाह, अदनान मेहर, अलम, सज्जाद खान सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें