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GoddaNews: पोषण जागरुकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन



ग्राम समाचार गोड्डा, ब्यूरो रिपोर्ट:-   ग्रामीण विकास ट्रस्ट-कृषि विज्ञान केंद्र एवं इफको के सौजन्य से सभागार में "पोषण अभियान-2020 एवं महिला कृषक प्रशिक्षण" के अन्तर्गत पोषण जागरूकता अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, आत्मा के उप परियोजना निदेशक राकेश कुमार सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान डाॅ0 रविशंकर, इफको के एरिया मैनेजर विजय कुमार गुप्ता, गृह वैज्ञानिक डाॅ0 प्रगतिका मिश्रा,  आंगन बाड़ी सुपरवाइजर, 

आंगन बाड़ी सेविका, महिला कृषक ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। जिला कृषि पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह ने  आंगन बाड़ी सेविकाओं एवं महिला किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पोषण वाटिका का निर्माण अपने घरों में करके लोग खुद एवं अपने परिवार की सेहत की सुरक्षा कर सकते हैं।महिलाएं खाली समय में अपने घर की खाली जमीन पर पोषण वाटिका लगाकर अपने परिवार के लिए साल भर की सब्जी एवं फल की आवश्यकता की पूर्ति कर सकती है। इससे कुपोषण मिटाने को भी बल मिलेगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका का निर्माण करके अमरूद, केला, नींबू, सहजन, पालक, पत्ता गोभी, फूल गोभी, करेला, मूली, गाजर, चुकंदर आदि लगाने के लिए आह्वान किया। आत्मा के उप परियोजना निदेशक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वस्थ आहार का महत्व बिना फलों के अधूरा है। भोजन में रंगीन सब्जियों को शामिल करें। खास कर के लाल, नारंगी और गहरे हरे रंग की सब्जियां, जैसे- टमाटर, शकरकंद और ब्रोकली। जितना अधिक रंगीन फल और सब्जियां अपने प्लेट में शामिल करेंगे, शरीर को विटामिन, खनिज, और फाइबर उतना ज्यादा मिलेगा। वरीय वैज्ञानिक-सह- प्रधान डाॅ0 रविशंकर ने कहा कि आंवला और अमरुद विटामिन’ सी’ के प्रमुख स्रोत है। इसके अलावा विटामिन ‘सी’ बेर, नींबू वर्गीय फल, टमाटर, पपीता और अनन्नास में भी पाया जाता है। विटामिन ए एवं विटामिन सी क्रमशः आँखों एवं मसूड़ों को स्वस्थ्य रखते हैं।पत्तेदार हरी शाक-सब्जियां शरीर के उचित विकास एवं अच्छे स्वास्थ के लिए आवश्यक होती है,क्योंकि इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व उपस्थित होते हैं|पत्तेवाली सब्जियां लौहयुक्त होती हैं । प्रतिदिन भोजन में हरी पत्तीदार सब्जियों का सेवन एनीमिया को रोकने में सहायक होता है। इफको के एरिया मैनेजर विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि हरे पत्तेदार सब्जियाँ प्रतिदिन वयस्क व्यक्तियों के लिए 100 ग्राम, बालकों के लिए (4-6 वर्ष) 50 ग्राम और 10 वर्ष से अधिक उम्र वाले बालक-बालिकाओं के लिए 60-70 ग्राम प्रतिदिन आवश्यक है। हरी पत्तीदार सब्जियों में  कैल्शियम, बीटा कैरोटिन एवं विटामिन सी व विटामिन बी कॉम्पलेक्स भी  काफी मात्रा में पाये जाते हैं।

पांच वर्ष से कम आयुवाले बच्चे विटामिन ए की कमी से अन्धेपन का शिकार हो जाते हैं। हरी पत्तीदार सब्जियों में उपस्थित कैरोटिन शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है, जिससे अन्धेपन को रोका जा सकता है।

 गृह वैज्ञानिक डाॅ0 प्रगतिका मिश्रा ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार ग्रहण करना बेहद जरूरी है। संतुलित भोजन, स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र देते हुए पोषण का महत्व, पोषण की कमी से होने वाली समस्याओं, दैनिक आहार में पौष्टिक भोजन ग्रहण करने के उपाय तथा पोषण वाटिका लगाने के विषय में विस्तृत जानकारी दी। पोषण थाली तथा पोषण माला के विषय में बताया। उद्यान वैज्ञानिक डाॅ0 हेमन्त कुमार चौरसिया ने पोषण वाटिका का ले आउट समझाते हुए बताया कि पोषण वाटिका में केला, पपीता, अमरूद, नींबू, गाजर, मूली, पालक, गोभी, बैंगन,मेथी, टमाटर, धनिया, मिर्च लगाएं एवं जैविक खाद के लिए पोषण वाटिका के किनारे छोटा केंचुआ खाद की यूनिट लगाएँ, जिससे परिवार को खाने के लिए ताजे फल और सब्जियाँ पोषण वाटिका से प्राप्त हो जाएगी। सस्य वैज्ञानिक डाॅ.अमितेश कुमार सिंह ने कहा कि फसलों की  बायोफोर्टीफाइड प्रजातियों जैसे धान (सी.आर. धान-310, डी.आर.आर.-45), गेंहूँ (डब्ल्यू.बी.-2, बीएचयू-1&3), मक्का(पूसा विवेक, एच.क्यू.पी.एम.-1&5)  में  क्रमश: जिंक, आयरन एवं प्रोटीन, एमीनो एसिड की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को पोषणयुक्त आहार हेतु बायोफोर्टीफाइड प्रजातियों का उत्पादन करें। सभागार में पोषण वाटिका सम्बन्धित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मौके पर डाॅ. रितेश दुबे, डाॅ0 ए.पी.ठाकुर, रजनीश प्रसाद राजेश, राकेश रोशन कुमार सिंह, वसीम अकरम मौजूद रहे। कार्यक्रम के अन्त में सभी आँगन बाड़ी सुपरवाइजर, आँगन बाड़ी सेविकाओं, महिला कृषकों को इफको की तरफ से सब्जियों (पालक, मेथी, धनिया, गाजर, मूली) का बीज किट, नैनो जिंक तरल खाद वितरित किया गया। केवीके की तरफ से भी अमरूद एवं बैंगन के पौधे आंगनवाड़ी केंद्रों में लगाने के लिए दिया गया। इंदु कुमारी, रूखसाना खातून, रूबी कुमारी, पूनम किस्कू, अनीता देवी समेत तीन प्रखंडों क्रमश: बोआरीजोर, मेहरमा एवं ठाकुरगंगटी से आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी सेविका एवं महिला कृषक कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।

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Editor - भुपेन्द्र कुमार चौबे

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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