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उन्नति में रुकावट डालने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ होगा आंदोलन – रानी चौबे

रानी चौबे
ग्राम समाचार, भागलपुर। कई महत्वपूर्ण विभागों में पीआरओ रह चुकी रानी चौबे ने अब राजनीति में कदम रखने का मजबूत इरादा कर लिया है। बकौल रानी चौबे मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि भागलपुर में मेरे कार्यकाल के दौरान यहां के लोगों का मुझे बहुत प्यार और सम्मान मिला है जिस कारण मैं नगर विकास एवं आवास विभाग की मीडिया प्रभारी के पद से अपने वर्तमान कार्यकाल से त्यागपत्र देकर भागलपुर के जनता का सेवा करुंगी। मुझे भागलपुर की जनता से यह उम्मीद है कि जिस तरह से उनका सहयोग और स्नेह मुझे पूर्व में मेरे भागलपुर के कार्यकाल में मिला है, उसी तरह एक बार फिर से यहां के लोग उसी स्नेह और सम्मान के साथ भागलपुर के उत्थान एवं उन्नति के लिए मेरा हौसला बढ़ाएंगे। नए रोजगार उत्पन्न करना एवम् वहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ना, स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना, इत्यादि। मैं यही उम्मीद करूंगी कि मेरे भाई बंधु भागलपुर एवम् नाथनगर से मेरा साथ दें और मैं वहां रहकर उन लोगों का उत्थान कर पाऊं। नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार में मेरे 2 साल के कार्यकाल के दौरान मैंने भागलपुर को 126 करोड़ की योजना से लाभान्वित करवाया जिसमें मेरे अनुरोध करने पर माननीय नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री द्वारा इन योजनाओं का शिलान्यास भी भागलपुर आकर किया गया। पर दुख की बात तो यह है कि सारी योजनाएं धरी की धरी रह गई और लगभग ₹1600 प्रति शिलापट्ट के दर से बने 101 शिलापट्ट आज नगर निगम के गोदाम में फेंके पड़े हैं। इससे नगर निगम को कोई फर्क नहीं पड़ता, हमारे जनप्रतिनिधि को भी कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन जनता को फर्क पड़ता है, इन योजनाओं पर अगर काम किया होता तो आज जनता इससे लाभान्वित जरूर होती। इसके अलावा बेघर बेसहारा लोगों के लिए निशुल्क आश्रय, भोजन एवं अन्य सुविधाओं से लैस आश्रय स्थल का निर्माण करवा कर मंत्री द्वारा इसका उद्घाटन कर उसे संचालित किया गया। जिसका देख-रेख नगर निगम द्वारा किया जाना था। परंतु इस आश्रय स्थल को भी लावारिस की तरह छोड़ दिया गया है। इसे देखने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। सरकार की सारी योजनाओं को क्लॉप कराने में भागलपुर के जनप्रतिनिधियों का बहुत बड़ा हाथ रहा है। भागलपुर में मेरे कार्यकाल के दौरान मैं बिजली संकट दूर करने में सफल रही। पहले भागलपुर में मुश्किल से 6 घंटे बिजली रहती थी परंतु मैंने बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर भागलपुर को 22 घंटे बिजली उपलब्ध कराने में सफल रही, इसका नतीजा आज आप भागलपुर वासी देख ही रहे हैं। साथ ही, मैंने भागलपुर में पेयजल हेतु बरारी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को भी दुरुस्त करवाया जिसके फलस्वरूप आज भागलपुर की जनता शुद्ध पेयजल से लाभान्वित हुई। इसके अलावा मैंने बिहार में कई योजनाओं का सहयोग किया। परंतु आज भागलपुर के सारे जनप्रतिनिधि अपने जिम्मेदारियों से भागते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर भगवान बन बैठे हैं। इन जनप्रतिनिधियों का सोशल मीडिया पेज देखा जाए तो मानो इन्होंने जी तोड़ मेहनत किया हो और आज भागलपुर को लंदन बना दिया हो, पर हालात से आप लोग सब वाकिफ हैं। यह सिर्फ जनता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का एक तरीका है जिससे यहां के जनप्रतिनिधि फिर से वोट बटोर सके। भागलपुर को एक निस्वार्थ जनप्रतिनिधि की जरूरत है जिसको लोगों के बीच रहकर भागलपुर के लिए काम करना होगा। मैं बहुत ही जल्द भागलपुर के युवाओं के साथ एक टीम का गठन करने जा रही हूं और भागलपुर के ऐसे जनप्रतिनिधि जिनके द्वारा भागलपुर की उन्नति में रुकावट डालने वाले कदमों के खिलाफ एक आंदोलन करने वाली हूं। उनसे उनके कार्य का हिसाब लिया जाएगा। जनता उन्हें वोट देती है इस भरोसे पर कि वह भागलपुर की उन्नति के लिए उनका साथ दें, ना कि खुद को बड़ा अफसर समझ सरकारी गाड़ी और सुविधाओं का आनंद लें और आम जनता से सलामी लेते रहे।


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Editor - Bijay shankar

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