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Rewari News : कोसली में टिड्डी दल का हमला. टिडडी दल पर स्प्रे करने का अभियान जारी

टिड्डियों को मारने के लिए पेड़ों पर दवा का स्प्रे करते फायर ब्रिगेडकर्मी 

ग्राम समाचार न्यूज : रेवाड़ी : जिला के उपमंडल कोसली की सीमा में शनिवार की देर शाम  टिड्डी दल का प्रवेश हुआ। कोसली के साथ लगते जिला महेंद्रगढ़ के कनीना से गांव रामपुरी, सीहा, नांगल पठानी होते हुए लगभग साढ़े सात बजे तक कोसली में एकाएक टिडडी दल का प्रकोप बढ़ता चला गया। कृषि अधिकारियों के अनुसार टिड्डी दल की लंबाई लगभग आठ किलोमीटर और चौड़ाई पांच किलोमीटर बताई गई। डीसी यशेन्द्र सिंह ने पहले ही टिड्ïडी दल को लेकर प्रशासन को सजग व सतर्क कर दिया था। शनिवार को जैसे ही टिड्डी दल के मूवेमेंट की पुख्ता जानकारी प्रशासन को मिली। डीसी यशेन्द्र सिंह, एसडीएम कोसली कुशल कटारिया, बावल के एसडीएम रविन्द्र कुमार सहित समस्त प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ जसविंद्र सिंह और एसडीओ दीपक यादव से विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीसी ने बताया कि देर शाम लगभग साढ़े सात बजे टिड्डी दल गांव धनिया मोड, गुगोड़ की बणी, गांव छव्वा के समीप,कोसली जेएलन नहर की दोनों साइडों के साथ लगते क्षेत्र, मलेसियावास आदि क्षेत्रों में पंहुच गया। प्रशासन ने भी आईटीआई कोसली  में ही कंट्रोल रूम बनाकर पूरी व्यवस्थाओं का संचालन किया। प्रशासन ने टिड्डी दल से फसली नुकसान ना हो सके,इसके  लिए आठ फायर बिग्रेड, 35 टै्रक्टर मांउटेड स्प्रे आदि से क्लोरपैरिफोस स्प्रे किया। इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की सलाह पर  टिड्डियों से बचाव के लिए पेड़ों पर स्प्रे कराया गया। डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि टिड्डी दल ने रात को पेड़ों पर ठहराव करने का प्रयास किया, वहीं स्प्रे किया गया, यहीं कारण रहा कि टिड्डी दल बिखरा -बिखरा रहा और फसलों को नुकसान नहीं कर पाया। रविवार को भी लगातार हो रहे स्प्रे के कारण टिड्डी दल टिक नहीं पाया। एसडीओ दीपक यादव ने बताया कि फायर टेंडर और टै्रक्टर मांउटेड स्प्रे के द्वारा 45 प्रतिशत टिड्डियों को मार गिराया वहीं तेज हवा के रूख के साथ ही  टिड्डियों का दल महेंद्र गढ़ जिले की ओर चला गया। 
*डीसी का आहवान, टिड्डियों को न बैठने दें अपने खेतों में*
डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि ज्यादातर टिड्डी बड़े झुंड बनाकर चलती है। फिर भी थोड़ी बहुत मात्रा में अगर टिड्डी रह गई हैं उनको अपने खेतों में न बैठने दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अभी सजग रहें और टिड्डी दिखाई देने पर अपने खेत में पहुंचे और  थाली, प्लेट, परात, पीपी, ड्रम ,ढ़ोल-नगाड़े या अन्य यंत्र जो ज्यादा आवाज व शोर करें, उनको खेतों में बजाए जहां टिड्डी दिखाई दे रही हैं। कृषि विभाग से दवाई लेकर छिडक़ाव करें। उन्होंने कहा कि किसानों का किसी प्रकार कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा और प्रशासन किसानों की हर संभव मदद केलिए तैयार है।
*ट्रैक्टर मांउटेड स्प्रे के साथ मौके पर पहुँचे किसान*
टिड्डी दल के कोसली क्षेत्र में आगमन की सूचना मिलते ही ग्रामीण खेतों में डटे रहे। कुछ स्थानों पर शोर कर टिड्डी दल को भगाने के लिए युवा ढ़ोल लेकर भी पंहुच गए।
*ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा किए प्रबंधों की तहेदिल से की प्रशंसा*
कोसली गांव के किसानों ने प्रशासन द्वारा किए प्रबंधों की प्रशंसा की और कहा कि डीसी साहब कभी टैक्ट्रर वालों के पास तो, कभी फायर टेंडर वालों के पास तो, कभी किसानों के पास पंहुच जाते। डीसी ने दवाई छिडक़ाव की सही समय पर व्यवस्था कर दी। एक अन्य किसान  बिजेंद्र और बबलू कान्हड़वास ने कहा कि डी सी साहब ,एसडीएम साहब और दूसरे अधिकारी शनिवार की सारी रात प्रभावित क्षेत्रोंं में घूमते रहे। इससे यह हुआ कि गांव वाले भी देर रात टिड्डयों को भगाने में प्रसाशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्प्रे करते रहे।                               

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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