Rewari News : गांव बिदावास में किसानों की शामलात जमीन के मालिकाना हक को लेकर पंचायत हुई

ग्राम समाचार न्यूज : रेवाड़ी : गांव बिदावास मे किसानों की शामलात देह जमीन के मालिकाना हक के मुद्दे को लेकर एडवोकेट मुकेश कुमार ने एक पंचायत की। जिसमे ग्रामीणों ने बताया अगर जिस शामलात जमीन पर हम और पुर्वज 26 जनवरी 1950 से व देश आजाद होने से पहले तक खेती करते आ रहे है अगर सरकार ने ये जमीन छीन लेती हैं तो किसान पुरी तरह बर्बाद हो जायेंगे। 



अब तक सरकारो की लापरवाही की वजह से शामलात देह जमीन हमारे पूर्वजों व हमारे नाम नही चढ पाई। सन 2000 के बाद से तो अब इस जमीन की न तो रजिस्ट्ररी हो सकती है न बाढ व सुखे का मुआवजा मिलता है, न ट्यूबवेल कनेक्शन होता है, ओर अब वर्तमान सरकार तो फसलो का रजिस्ट्रेशन भी नही करती है। अब हरियाणा भाजपा सरकार ने तो सर्वोच्च न्यायालय से आदेश करा इस दादालाई शामलात देह जमीन को हथियाने की पुरी कोशिश कर ली और तो और 1960 के बाद हुई चंकबंदी के बाद जिन किसानों ने हाईकोर्ट का सहारा ले कर अपने नाम करवा ली वो भी अब उस जमीन को भी सरकार छीन लेगी। 



एडवोकेट मुकेश कुमार ने बताया अब हमे एक तो सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करनी होगी ओर दुसरी तरफ सरकार का लगातार किसान आंदोलन तरह  विरोध करके ही इस फैसले को पलटवाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को एक जुट होकर सरकार का भारी जनविरोध करके ही सरकार से किसानों को शामलात देह जमीन का मालिकाना दिलवाया जा सकता है। इसकी शुरुआत जल्द गांव नांगल तेजू के बस स्टैंड पर एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस मोके पर अभय सिंह, भैरुबाबा पूरणमल सतबीर एक्स सरपंच, मनीराम रणबीर, बाबूलाल, धर्मेंद्र, रामजीवन, शिवलाल, पूरणमल, होशियार, देशराज, छोटूराम, योगेन्द्र, संदीप, महेन्द्र सिंह व अन्य गणमान्य लोग मोजूद रहे।

Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Online Education