expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Rewari News : किसानों ने तीन घंटे के लिये किया शांतिपूर्ण चक्का जाम

ग्राम समाचार न्यूज : देशभर में कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को किसानो ने तीन घंटे के लिए चक्का जाम किया और अपनी मांगे मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया। हरियाणा में भी 150 के करीब चिन्हित जगहों पर किसानो ने हाइवे और स्टेट हाइवे को जाम कर अपना रोष जताया। रेवाड़ी में भी किसान आंदोलन के चलते दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसानो के पांच जगहों पर चक्का जाम किया।



रेवाड़ी में किसानो की और से एनएच-71 स्थित गंगायचा जाट टोल प्लाजा पर, एनएच-48 स्थित शाजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर पर, बावल में बनीपुर चौक पर और डहिना के पास समेत कुल पांच जगहों पर किसानो ने विरोध प्रदर्शन किया। हालाँकि खेड़ा बॉर्डर पर और गंगायचा टोल प्लाजा और बनीपुर चौक पर किसानो का चक्का जाम सफल रहा बाकि महेंद्रगढ़ रोड पर डहिना बस स्टैंड के पास किसान इकठ्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर चले गए किसी प्रकार से कोई जाम नहीं किया। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के रेवाड़ी जिला प्रधान समय सिंह, जिला उप प्रधान कुलदीप सिंह भुड़पुर, रेवाड़ी ब्लाक प्रधान चुन्नीलाल, बावल ब्लाक प्रधान जगदीश गूजर, कोसली ब्लाक प्रधान सवाचन्द नम्बरदार रौझुवास, जनक राज आदि पदाधिकारियों ने सैंकड़ो किसानों के साथ बनिपुर बावल में जयपुर दिल्ली रोड पर चक्का जाम किया।



हालाँकि किसानो का चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। चक्का जाम के चलते किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही और वाहन चालकों को कोई परेशनी न हो इसके लिए रुट डाइवर्ट किये गए थे। हालाँकि किसान चक्का जाम के चलते लोगो को परेशानी हुई लेकिन डीएसपी जमाल मोहम्मद के नेतृत्व में पुलिस ने मोर्चा सँभालते हुए ट्रैफिक डायवर्ट कराया गया। किसानो ने स्पष्ट करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानो का आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना यह होगा की किसानो के चक्का जाम का सरकार पर कितना असर होगा।

Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें