Sahibganj News;;वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा आयोजित 3दिवसीय वेबिनार सम्पन्न!
ग्राम समाचार, साहिबगंज।भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से 7 से 9 जुलाई तक गंगा बेसिन को संरक्षित करने हेतु राष्ट्र स्तरीय वेबनियार आज सम्पन्न हुई।वेबिनार में झारखंड से साहिबगंज महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों और गंगा प्रहरी बढ़ चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही वन्य जीव संस्थान की डॉ संगीता अंगोम ने साहिबगंज महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों और गंगा प्रहरियों के कार्यों को सराहना की।वेबिनार कार्यक्रम के दौरान सिदो कान्हू मुर्मु विश्वविद्यालय के NSS कोऑर्डिनेटर डॉ मैरी मार्गेट टुडू व प्रभारी प्राचार्य डॉ विनोद कुमार ने पर्यावरणविद डॉ रणजीत सिंह के द्वारा गंगा बेसिन जैवविविधता और राजमहल पहाड़ी वन्य जीवों को बचाने के लिए किए गए कार्यों की सराहाना की।
साहिबगंज महाविद्यालय NSS नोडल अधिकारी डॉ रणजीत सिंह ने कहा की गंगा जलीय जीवों जैवविविधता पेड़ पौधे पहाड़ जल जंगल जमीन को बचाना हमारा लक्ष्य है। पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर हमारा पारितंत्र निर्भर है यदि हम पर्यावरण जीव जंतु जल जंगल जमीन और पारितंत्र की अवहेलना करते हैं तो इसके अवश्यंभावी अवांछित परिणाम हमें भुगतने होंगे। हम पेड़ को लगाए ही नहीं बल्कि पेड़ों को संरक्षित भी करें।
कोरोना काल लॉक डाउन में गंगा जैवविविधता,जलीय जीवों,पर्यावरण,वातावरण, हवा हद तक शुद्ध हुवा है।एयर पॉल्यूशन इंडेक्स वायु प्रदूषण सूचकांक में साहिबगंज में पॉल्यूशन स्तर 2 पॉइंट 5 पीएम है। हम पर्यावरण के प्रति सचेत हों तो हमारा वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर घटेगा। शहर के नदी नालों से निकलने वाले अनौपचारिक कचरे गंगा नदी में मिलकर गंगा को प्रदूषित करते हैं और उनकी जैविक विविधता को नष्ट कर सकते हैं। गंगा में पाई जाने वाली गंगेटिक डॉल्फिन,ऊदबिलाव,और घड़ियाल, सारस पक्षी,और कई विदेशी मूल के पक्षी साहिबगंज गंगा बेसिन में मौसम परिवर्तन के समय देखे जा सकते हैं। यदि गंगा में प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हुई तो वन्यजीवों के साथ-साथ साहिबगंज के स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा।इसलिए यह जरूरी है कि हम पर्यावरण को लेकर सचेत हो गंगा, राजमहल की पहाड़ीयो की हरियाली,बचाने के लिए हमसभी आगे आए।
कार्यक्रम में साहेबगज से गंगा प्रहरी संतोष कुमार मंडल,मणिकांत रजक व राजेश कुमार ने अपना अनुभव साझा किया। इस वेबनियार कार्यक्रम में देशभर के पर्यावरण प्रहरी गंगा प्रहरी जुड़े हुए थे जिसमें भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून से डॉ रुचि बडोला मुख्य इंवेसिटेगेटर,वैज्ञानिक शोधकर्ता डॉ परिवा डोबरियाल,नीलाद्री दासगुप्ता, हेमलता कान्हदुरी , दीपिका डोंगरा, मोनिका मेहरालू, अदिति देव रविंद्र नाथ त्रिपाठी,डॉ रूपम दुमका डॉ रेणुका चितरपुर,रेणु गुप्ता, अमर पारीक,मो शाहबाज, अमन कुमार होली, खुशीलाल पंडित, कोमल कुमारी, नामिता कुमारी, रोहित बरहरवा कॉलेज से तनवीर संतोष कुमार मिथलेश आदि जुड़कर लाभन्वित हुए।
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