ग्राम समाचार,चांदन,बांका। प्रखंड क्षेत्र के चंदवारी पंचायत के वार्ड नंबर 13 जहां आंगनवाड़ी केंद्र विवादित बनकर रह गया है। जो जनप्रतिनिधियों के के साथ-साथ अधिकारियों के आगे भेंट चढ़ गई है। आंगनबाड़ी केंद्र भी जर्जर की स्थिति मैं खड़ी है होगा भी क्यों नहीं लगभग ढाई 3 साल से आज तक ना तो सेविका और सहायिका का चयन किया जा सका है। इसमें माने तो जागरूकता की कमी ग्रामीणों या वार्ड सदस्य एवं पंच की उदासीनता या माने तो विभागीय लापरवाही कही जा सकती है। सही मायने में माना जाए तो जनप्रतिनिधि की बेहद लापरवाही है। जो विकास चाहते ही नहीं हैं। अपनी नादानी को छुपाने के लिए ग्रामीणों के
माथे थोप रही है। ज्ञात हो कि आंगनबाड़ी केंद्र काआंगनबाड़ी केंद्र का मुख्य उद्देश्य गरीब तब के कुपोषित बच्चों गर्भवती माताओं धात्री माताओं किशोरियों के विकास के लिए कार्यक्रम है। फिलहाल देखा जाए तो कोरोना के आड़ में विभाग दिलचस्पी नहीं ले रही है। चंदवारी पंचायत के 13 नंबर वार्ड स्थित आंगनवाडी के संबंध में ग्रामीणों का आक्रोश व्याप्त है। इस पर वर्तमान जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए। ग्रामीणों का आक्रोश वाजिब है क्योंकि प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनवाड़ी में कुछ न कुछ बच्चों के लिए सुविधा मुहैया कराया जा रहा है लेकिन यहां जनप्रतिनिधियों के आगे आंगनवाड़ी सेविका सहायिका चयन प्रक्रिया की मामला बांका न्यायालय में विचाराधीन है यदि ऐसे ही विचाराधीन रहेगा तो नौनिहाल बच्चों का क्या हाल होगा। ग्रामीणों का मांग है कि जिस अभ्यार्थी का सर्टिफिकेट मान्य है, उनकी बहाली अविलंब कर दी जाए।
उमाकान्त साह,ग्राम समाचार संवाददाता,चांदन।
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