Bhagalpur News:अहिंसा और सभी वर्गों को एकजुट कर गांधी जी ने देश को बनाया मजबूत: सैयद हसन
ग्राम समाचार, भागलपुर। महात्मा गांधी के भागलपुर आगमन के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह को लेकर शनिवार की सुबह भागलपुर स्टेशन चौक से सद्भावना शांति यात्रा निकाली गई। यात्रा में शहर की सामाजिक एवं अन्य प्रमुख हस्तियों के अलावा स्कूल की छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यात्रा में शामिल लोगों ने महात्मा गांधी के विचारों, सत्य, अहिंसा, शांति, एकता और भाईचारे से संबंधित नारे लगाए। सद्भावना शांति यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए खानकाह पीर दमड़िया शाह, खलीफाबाग पहुंची, जहां खानकाह के सज्जादानशीन मौलाना सैयद शाह फखरे आलम हसन ने यात्रा में शामिल अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। यात्रा करीब आधे घंटे तक खानकाह में रुकी। इस दौरान विभिन्न लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और खानकाह की सांप्रदायिक सद्भाव, सहिष्णुता तथा विभिन्न धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाने की परंपरा और प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मौलाना सैयद शाह फख़्रे आलम हसन ने कहा कि महात्मा गांधी के भागलपुर आगमन की शताब्दी समारोह केवल एक ऐतिहासिक घटना को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों और सिद्धांतों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में सभी धर्मों और वर्गों के लोगों का खून शामिल है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि खानकाह पीर दमड़िया शाह का इतिहास भी देशभक्ति, त्याग, सेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़ा रहा है। हमारे बुजुर्गों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया, जिसके कारण उन्हें यातनाएं सहनी पड़ीं और उनकी संपत्तियां भी जब्त कर नष्ट कर दी गईं। देश की आजादी के लिए दी गई कुर्बानियां हमारी सबसे बड़ी विरासत हैं। मौलाना फखरे आलम हसन ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम और राष्ट्रीय एकता के माध्यम से देश के विभिन्न वर्गों को एकजुट किया और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत बनाया। आज भी उनके विचारों की प्रासंगिकता बनी हुई है। वर्तमान दौर में जब नफरत और आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देने की कोशिशें होती हैं, ऐसे समय में गांधी जी का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। नई पीढ़ी को उनके जीवन और विचारों का अध्ययन कर सत्य, अहिंसा, सहिष्णुता और मानवता को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सद्भावना शांति यात्रा का खानकाह पीर दमड़िया शाह में पड़ाव एकता, शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव का मजबूत संदेश है। भारत की ताकत उसकी गंगा-जमुनी संस्कृति और विभिन्न धर्मों एवं वर्गों के बीच आपसी एकता में निहित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गांधी जी के विचारों को अपने व्यवहार और जीवन में अपनाकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करें। यात्रा में कमल जायसवाल, प्रकाश चंद्र गुप्ता, शंभू दयाल खेतान, प्रोफेसर फारूक अली, प्रसून लतांत, डॉ. देव ज्योति मुखर्जी, सैयद अहमद बाशो, डॉ. रतन मंडल सहित गांधी पीस फाउंडेशन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।

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