ग्राम समाचार, भागलपुर। मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज के सभागार में शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के तत्वावधान में मेडिकल एजुकेशन इन एब्रॉड विषय पर एक भव्य सेमिनार एवं काउंसिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, हैदराबाद के निदेशक जनाब सैय्यद अजहरुद्दीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेमिनार को संबोधित करते हुए सैयद अजहरुद्दीन ने कहा कि आज के समय में मेडिकल शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता और समाज की सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा सेंट्रल एशिया के ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान में भारतीय विद्यार्थियों के लिए विश्वस्तरीय मेडिकल शिक्षा की व्यवस्था की गई है, जहाँ लगभग 30 से 35 लाख रुपये की लागत में भारतीय परिवेश, भारतीय खान-पान, रहन-सहन तथा सांस्कृतिक मूल्यों का पूरा ध्यान रखते हुए एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वहाँ पाँच वर्षीय एमबीबीएस पाठ्यक्रम तथा एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप सहित कुल छह वर्षीय मेडिकल शिक्षा उपलब्ध है। इसके साथ-साथ भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक एफएमजीई की भी समानांतर तैयारी कराई जाती है, ताकि विदेश से पढ़कर लौटने वाले विद्यार्थियों को भारत में आयोजित इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इस अवसर पर खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन सैय्यद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि "शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे कौमों की तक़दीर बदलती है।" उन्होंने कहा कि शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक इंजीनियर अब्दुल कादिर ने शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कार्य किया है, वह पूरे देश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज हजारों विद्यार्थी उनके संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंट्रल एशिया में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में शाहीन ग्रुप की पहल अत्यंत सराहनीय है। वहाँ भारतीय विद्यार्थियों को अपने ही देश जैसा शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे बिना किसी मानसिक या सांस्कृतिक कठिनाई के उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास देश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। कार्यक्रम को सफल बनाने में असद इक़बाल रूमी, आईनुल हुदा, तकी जावेद, मोहम्मद शहबाज़, प्रोफेसर देवज्योति मुखर्जी, अफ़ज़ल हुसैन, सैय्यद हम्माद, अदनान, सैय्यद साद हुसैनी, फरहान अनवर तथा फरदीन अनवर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में शहर के बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मेडिकल शिक्षा से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक समाधान प्रस्तुत किया। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और भविष्य निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी भूरि-भूरि सराहना की।
Bhagalpur News:शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे बदलती है कौमों की तक़दीर : सैय्यद हसन
ग्राम समाचार, भागलपुर। मुस्लिम माइनॉरिटी डिग्री कॉलेज के सभागार में शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के तत्वावधान में मेडिकल एजुकेशन इन एब्रॉड विषय पर एक भव्य सेमिनार एवं काउंसिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, हैदराबाद के निदेशक जनाब सैय्यद अजहरुद्दीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेमिनार को संबोधित करते हुए सैयद अजहरुद्दीन ने कहा कि आज के समय में मेडिकल शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता और समाज की सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा सेंट्रल एशिया के ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान में भारतीय विद्यार्थियों के लिए विश्वस्तरीय मेडिकल शिक्षा की व्यवस्था की गई है, जहाँ लगभग 30 से 35 लाख रुपये की लागत में भारतीय परिवेश, भारतीय खान-पान, रहन-सहन तथा सांस्कृतिक मूल्यों का पूरा ध्यान रखते हुए एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वहाँ पाँच वर्षीय एमबीबीएस पाठ्यक्रम तथा एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप सहित कुल छह वर्षीय मेडिकल शिक्षा उपलब्ध है। इसके साथ-साथ भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक एफएमजीई की भी समानांतर तैयारी कराई जाती है, ताकि विदेश से पढ़कर लौटने वाले विद्यार्थियों को भारत में आयोजित इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इस अवसर पर खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन सैय्यद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि "शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे कौमों की तक़दीर बदलती है।" उन्होंने कहा कि शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक इंजीनियर अब्दुल कादिर ने शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कार्य किया है, वह पूरे देश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज हजारों विद्यार्थी उनके संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंट्रल एशिया में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में शाहीन ग्रुप की पहल अत्यंत सराहनीय है। वहाँ भारतीय विद्यार्थियों को अपने ही देश जैसा शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे बिना किसी मानसिक या सांस्कृतिक कठिनाई के उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास देश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। कार्यक्रम को सफल बनाने में असद इक़बाल रूमी, आईनुल हुदा, तकी जावेद, मोहम्मद शहबाज़, प्रोफेसर देवज्योति मुखर्जी, अफ़ज़ल हुसैन, सैय्यद हम्माद, अदनान, सैय्यद साद हुसैनी, फरहान अनवर तथा फरदीन अनवर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में शहर के बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मेडिकल शिक्षा से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक समाधान प्रस्तुत किया। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और भविष्य निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी भूरि-भूरि सराहना की।

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