expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Online Education


Pakur News: पिता को बर्दाश्त नहीं हुआ बेटी का प्रेम, हत्या कर शव खेत में फेंका, पुलिस ने प्रेमी को भी थाना बुलाकर किया पुछताछ.


ग्राम समाचार, पाकुड़। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ईलामी पंचायत के बागान पाड़ा में पिछले रविवार को पटसन के खेत से आसिफा खातून नाम की एक किशोरी का शव बरामद हुआ था। आसिफा के पिता रफीकुल शेख ने पड़ोस के ही युवक अनोत रविदास पर हत्या का आरोप लगाया था। अनोत को पुलिस ने उसी दिन उसके घर से हिरासत में ले लिया था। लेकिन पुलिस ने जब इसकी तफ्तीश शुरू की, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। आसिफा का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका अपना पिता ही निकला। आरोपी पिता रफीकुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस को रफीकुल ने हत्या के पीछे जो कारण बताया है, उससे कहानी में ट्विस्ट आ गया है। दरअसल रफीकुल ने पुलिस को बताया है कि आसिफा का पड़ोस के ही असिम नामक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बेटी की असिम से मिलना जुलना अच्छा नहीं लग रहा था। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग बर्दाश्त नहीं कर पाया। घटना की रात करीब 10:00 बजे आसिफा जब पास के किसी के घर से लौटी तो पिता रफीकुल आग बबूला हो गया। आसिफा के साथ मारपीट करने लगा। आसिफा जान बचाने के लिए किसी तरह भागने की कोशिश कर रही थी। तभी बरामदे में रखा साइकिल पर गिर गई। शायद यहीं उसकी जिंदगी की आखिरी रात थी। पिता ने फिर उसे पकड़ कर घर के अंदर ले गया। आसिफा का गला दबाया गया। आसिफा पिता से बार बार जान बख्श देने की गुजारिश करती रही। लेकिन कलयुगी पिता ने उसकी एक भी नहीं सुनी। जब गला दबाकर भी आसिफा को जान मारने में कामयाब नहीं हुआ, तो तकिया से दम घोंट दिया। फिर साक्ष छुपाने के नियत से शव को पटसन के खेत में फेंक दिया। घर वापस आकर खुद बेटी के गायब होने का ढोंग करने लगा। भाई भतीजों के साथ मिलकर दिखावा के लिए खोजबीन में निकल गया। अगले दिन सुबह पटसन के खेत में आसिफा का शव बरामद हुआ। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। यहां भी उसने बार-बार बेहोश हो जाने और रोने बिलखने का नाटक करता रहा। पुलिस से खुद को बचाने के लिए बेकसूर अनोत रविदास का नाम ले लिया। जिससे उसका जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। लेकिन अंत में उसके किए कर्म सामने आ ही गया। अब कानून उसे सजा देगी। लेकिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा कलयुगी पिता का भेंट चढ़ गया। आसिफा अब इस दुनिया में नहीं रही। लेकिन आगे किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं हो, इसके लिए प्रशासन और समाज को आगे आने की जरूरत है। आसिफा का कसूर सिर्फ इतना ही था कि उसकी मां महज दो साल की उम्र में उसे छोड़कर चली गई। पिता पर उसे पूरा भरोसा था कि उसकी परवरिश में कोई कमी नहीं करेंगे। सौतेली मां पर भी पूरा यकीन था। शायद इसलिए आसिफा कभी भी मां के पास नहीं गई। लेकिन आसिफा को क्या पता था कि पिता ही उसके भरोसे का गला घोंट देगा। आसिफा के साथ हर दिन मारपीट और खाने पीने से वंचित रखना, पिता और सौतेली मां का आदत बन गया। फिर भी आसिफा चुप रह कर सबकुछ बर्दाश्त करती रही।

ग्राम समाचार, पाकुड़। राजकुमार भगत की रिपोर्ट।


Share on Google Plus

Editor - रंजीत भगत, पाकुड़

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें