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Bhagalpur News:मानव श्रृंखला बनाकर, तीनों कृषि कानून के खिलाफ हजारों लोगों ने दर्ज किया मजबूत प्रतिवाद


ग्राम समाचार, भागलपुर। किसान विरोधी तीनों कृषि काला कानून रद्द करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, बिहार में एपीएमसी एक्ट को पुनर्बहाल करने, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लेने आदि की मांग को लेकर आज महागठबंधन के आह्वान पर भाकपा-माले के बैनर तले भारी संख्या में लोगों ने भागलपुर स्टेशन चौक के आस-पास एनएच-80 पर मानव श्रृंखला बनाया। मानव श्रृंखला में ऐक्टू से जुड़े से सैकड़ों महिला-पुरुष मजदूर भी शामिल हुए। झंडा-बैनर व मांग पट्टिकाओं के साथ मानव श्रृंखला बनाते हुए लोगों ने मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ नारे लगाए और किसान आंदोलन के दमन के दमन के विरुद्ध प्रतिरोध को जारी रखने का एलान किया। मानव श्रृंखला का नेतृत्व भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य सह ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस के शर्मा और भाकपा-माले के नगर प्रभारी सह ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने किया। दोनों नेतृत्वकारियो ने मौके पर कहा कि शहर सहित पूरे भागलपुर में बनाए गए मानव श्रृंखला में हजारों लोगों ने शामिल होकर देश में खेत-खेती-किसानी को बर्बाद करने के लिए लाए गए तीनों कृषि काले कानूनों के खिलाफ मजबूत प्रतिवाद दर्ज किया है। भाकपा-माले व ऐक्टू मानव श्रृंखला की अपार सफलता के लिए जनता के सभी तबकों को बधाई देता है क्रांतिकारी सलाम पेश करता है। दोनों नेतृत्वकारियों ने कहा कि मोदी शासन में आंदोलनों के दमन का एक पैटर्न विकसित हुआ है। पहले आंदोलन को बदनाम करो,  फिर दुष्प्रचार चलाओ, झूठे मुकदमे करो और फिर आंदोलनकारियों को जेल में डाल दो। अब इसी पैटर्न पर किसान आन्दोलनों को दबाने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन इस बार किसान पीछे नहीं हटने वाले हैं। दमन के बावजूद फिर से आंदोलनों में किसानों की भागीदारी आरंभ हो गई है। बिहार में आंदोलन का लगातार विस्तार जारी है। दोनों ने आगे कहा कि गणतंत्र दिवस पर किसानों का कार्यक्रम देशव्यापी स्तर का था। इस शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में किसानों की बड़ी भागीदारी हुई। बिहार में भी कई स्थानों पर ट्रैक्टर मार्च सहित असरदार प्रतिवाद हुए। दिल्ली में हुई छिटपुट घटना को सरकार बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रही है और उसका इस्तेमाल आंदोलन को दबाने के लिए कर रही है। यह बेहद निंदनीय है। इसकी सही से जांच होनी चाहिए कि दिल्ली में किसानों के शांतिपूर्ण मार्च के दौरान उपद्रव करने वाले कौन लोग थे। भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य व ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस के शर्मा, भाकपा-माले के नगर प्रभारी सह ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, विष्णु कुमार मंडल, सिकन्दर तांती, अमर कुमार, राजेश कुमार दास, प्रवीण कुमार पंकज, अमित गुप्ता, सैय्यद बसर अली, लल्लू ठाकुर, प्रवीण कुमार, अजहर कलीम, जयाउल हसन, गुंजा चौधरी, पुष्पा देवी, शीला देवी, सुमन देवी, पूनम देवी, पीयूष कुमार, नूतन देवी, कविता देवी, रानी देवी, सावित्री देवी, महेंद्र दास, चांदनी देवी, सीता देवी, रुबी देवी, नीलम देवी, नीतू देवी, मो. सैफू, फूलन देवी, फोका देवी, अमित कुमार, मो. यूनुस, मो. शहंशाह, उपेंद्र यादव, मीरा देवी, राधा देवी, पंचानंद दास, प्रमोद यादव आदि बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मानव श्रृंखला में शामिल हुए।

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Editor - Bijay shankar

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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