रविवार को जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी गोड्डा जिला
इकाई ने कोविड-19 महामारी के कारण अपना रोज़गार खोकर घर वापसी कर रहे गोड्डा जिला के
प्रवासी मजदूरों को जिला के संस्थानो खासकर अडानी एवं ललमटिया स्थित राजमहल कोयला
परियोजना में कोल उत्पादन में लगी निजी कंपनियों में प्रभावित/ विस्थापित लोगों को
80 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित कर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग राजमहल परियोजना
प्रबंधन से की है।
जिला अध्यक्ष राजेश झा ने राजमहल परियोजना महाप्रबंधक (प्रभारी)
डी के नायक को उक्त आशय का मांग पत्र उनके कार्यालय में मिलकर सौंपते हुए अविलंब इस
पर पहल की मांग की है। राजमहल हाउस उर्जानगर में जिला अध्यक्ष श्री झा ने सौंपे गए
मांग पत्र की जानकारी पत्रकारों को देते हुए कहा कि परियोजना के अधीन कार्यरत
आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय लोगों की घोर अनदेखी हो रही है। सीआईएससी,अम्बे
माइनिंग प्रा.लि. महालक्ष्मी इम्फराकॉन्ट्रेक्ट एवं इसके सहयोगी कंपनी सुकदेव अर्थ
मूवर्स, तथा आदित्य बिड़ला सहित सुरक्षा मुहैया कराने वाली एस आई एस जैसी बड़ी कंपनी
यहाँ कार्यरत है। इन सभी कंपनियों में 4 हजार के करीब मेन पवार काम कर रहा है,
लेकिन आश्चर्यजनक है कि ये सभी कंपनियां स्थनीय मजदूरों को दरकिनार कर बहुतायत में
बाहर के मजदूरों को काम दे रखा है। स्थानीय भू-विस्थापित और प्रभावित लोग रोजगार के
लिए बाहर पलायन को बाध्य है।
कोरोना महामारी में जिले के प्रवासी मजदूर को यहां
रोजगार सुलभ हो इसके लिए नियमबद्ध तरीके से परियोजना प्रबंधन बिचार करे। एनआइटी के
लिहाज से 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों को काम पर रखा जाए। वही लोकल सेल के तहत स्थानीय
स्तर पर डिपो की मांग की बात बतलाते हुए उन्होंने कहा कि लोकल सेल के नाम पर यहां D
O चलाया जाता है,जिसके माध्यम से यहां का कोयला ट्रको के माध्यम से बिहार राज्य तथा
बंगाल के सीमा क्षेत्र मे जाता है, सभी डीओ होल्डर बाहरी है। जबकि लोकल सेल अर्थात
स्थानीय डिपो की मांग यहाँ पर 90 के दशक से हो रही है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग
जलावन का कोयला या ईंट भट्ठे के लिए या किसी प्रयोजन विशेष मे खदान से कोयला
निकालकर अबैध रूप से बेचने और खरीदने को बाध्य है। भू-विस्थापित/प्रभावितों को
कोयला चोर कहकर प्रताड़ित किया जाता है। जोखिम भरे इस काम मे हर वर्ष दर्जन भर लोग
मिट्टी तले दबकर बेमौत मरते है। सप्लाई-पर्चेज डिपार्टमेंट मे भी बहुतायत में बाहरी
ठेकेदार है। ईसीएल का अपना इक्यूपमेंट है जैसे होलपेक, शावेल मशीन, पानी टैंकर और
कुछ छोटी गाड़ियां। जिसके कल पुर्जो के खरीद के लिए टेंडर निकाली जाती है जिसमे 99
प्रतिशत ठेकेदार बाहरी है। ई एन्ड एम से बिधुत व्यवस्था के लिए भी पर्चेज
डिपार्टमेंट से टेंडर किया जाता है उसमें भी 90 प्रतिशत बाहर के ठेकेदार है, जो
बिल्कुल अनुचित और पीड़ादायक है।
मौके पर सांसद सलाहकार मुरारी चौबे बमभोली पांडेय
युवामोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष आनंद, एसटी मोर्चा के जिला महामंत्री प्रबोध सोरेन आदि
मौजूद थे।
- ग्राम समाचार महागामा(गोड्डा)।

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