नए साल में कई क्षेत्रों में हो रहे बदलाव के लिए रहें तैयार, जीएसटी : ई वे बिल प्रणाली 1 फरवरी से

HAPPY NEW YEARग्राम समाचार,  नई दिल्ली। साल 2018 का आगाज हो चुका है। बीते साल में हमने क्या खोया और क्या पाया इस पर चिंतन करने की बजाए हमारे लिए यह देखना ज्यादा अहम है कि नए साल में हमारे लिए क्या नए बदलाव होने जा रहे हैं।

  • डिजिटल पेमेंट फ्री

जनवरी 2018 से 2000 रपए तक के आनलाइन ट्रांजेक्शन फ्री हो जाएंगे। यह सुविधा भीम ऐप, या यूपीआई के जरिये भुगतान करने पर मिलेगी। इससे आम आदमी को काफी राहत मिलने वाली है।  इसके अलावा सरकार जनवरी 2018 से मर्चेट डिस्काउंट रेट में कमी कर रही है। इससे कैशलेस शापिंग वालों को अब राहत मिलेगी।

  • सिम लिंक करना आसान

जनवरी 2018 से एक अहम बदलाव यह भी हो रहा है कि अपने मोबाइल सिम को आधार से लिंक कराने की व्यवस्था अब आनलाइन हो रही है। पहले सरकार ने इसके लिए समयसीमा एक दिसम्बर रखी थी लेकिन दूरसंचार आपरेटरों की मांग पर बढ़ाकर एक जनवरी 2018 कर दिया गया।

  • बैंकों में भी बदलाव

नए साल में स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों में खाता रखने वालों की पुरानी चेक बुक रद्द मानी जाएगी। गौरतलब है कि स्टेट बैंक में उसके छह सहयोगी बैंकों का विलय हो चुका है और एक जनवरी से सहयोगी बैंकों के ग्राहकों को नई चेक बुक जारी की जाएगी।

  • पहली एसी लोकल ट्रेन

एक जनवरी 2018 से मुंबई में देश की पहली एयरकंडीशंड लोकल ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेगी।

  • ट्रक चालकों को एसी

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी वाहन कंपनियों को निर्देश दिया है कि एक जनवरी के बाद वे जो भी ट्रक बाजार में लांच करें उसमें एसी केबिन होना जरूरी है।

  • आज से कारें महंगी

देश में काम कर रही लगभग सभी वाहन कंपनियों ने एक जनवरी 2018 से कारों के दामों बढ़ाने का ऐलान किया है। अब हर कार पर ग्राहकों को 2000 से लेकर 50000 रपए तक ज्यादा देने होंगे।

  • उर्वरक सब्सिडी

हालंकि उर्वरक सब्सिडी सीधे बैंक खाते में डालने की प्रायोगिक शुरुआत हो चुकी है लेकिन नए साल में इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी सरकार ने की है।

जीएसटी : ई वे बिल पण्राली 1 फरवरी से

जीएसटी व्यवस्था के तहत ट्रांसपोर्टरों के लिए इलेक्ट्रानिक वे बिल या ई-वे बिल पण्राली अब एक फरवरी से क्रियान्वित होगी। इस पण्राली में ट्रांसपोर्टरों को राज्यों के बीच माल की आवाजाही के लिए ई-वे बिल साथ रखना होगा। इस कदम का मकसद कर चोरी को रोकना तथा राजस्व में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना है। जीएसटी को एक जुलाई को लागू किया गया था। उस समय ई-वे बिल साथ रखने की जरूरत को टाल दिया गया था। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि इसे उन 17 राज्यों में भी लागू किया जा रहा है जिनके पास जीएसटी से पहले से ही इलेक्ट्रानिक चालान या ई-वे बिल पण्राली है।

(एजेंसी रिपोर्ट)