रेवाडी में आपदा को लेकर मेगा मॉक एक्सरसाईज, प्रशासन ने मुस्तैदी से किया कार्य, कमियों को करेगें पूरा- उपायुक्त

ग्राम समाचार न्यूज़ : रेवाड़ी : {हरियाणा} : उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन अथारटी के रैस्पोंसिबल ऑफिसर पंकज ने बताया कि भूकम्प जैसी आपदा से निपटने के लिए जिला के पांच स्थानों पर मेगा मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया गया। जिसमें जिला लघु सचिवालय, राजकीय कन्या महाविद्यालय, ईडन गार्डन, सामान्य अस्पताल व बीएमजी मॉल रेवाडी शामिल थे। इसके अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र में 10 कम्पनियों में भी मॉक एक्सरसाईज की गई। उपायुक्त पंकज ने हुड्डा ग्राउंड के साथ बनाये गये जिला एमेरजैंसी ऑपरेशन सैंटर (डीईओसी) मेंं स्थिति पर नजर रखी तथा जिन स्थानों पर मॉक एक्सरसाईज की जा रही थी वहां की मांग के अनुसार स्टेजिंग एरिया से आपदा प्रबन्ध के लिए एम्बुलैंस, जेसीबी मशीन, दमकल, अर्धसैनिक बल, आईटीबीपी व पुलिस के जवान आदि आपदा प्रबन्धन के लिए भेजे गये। यह मॉक ड्रील प्रात: 10 बजे सायरन बजने के साथ शुरू हुई तथा 12:30 बजे तक चली। प्रात: 10 बजे  हूटर बजा तो दल राहत एवं बचाव कार्य में जुट गये। इस एक्सरसाईज में भारतीय सेना के प्रतिनिधी, अर्धसैनिक बल, पुलिस के जवान, होम गार्ड, आईटीबीपी के जवानों ने भाग लिया। रेवाडी जिला में मेगा मॉक एक्सरसाईज के तहत आपदा की सूचना मिलते ही उपरोक्त सभी बिल्डिंगों को खाली कराया गया। मॉक ड्रील के दौरान इमारतों में फंसे डमी घायलों को विभिन्न विभागों की मदद से बाहर निकाला गया व डमी घायलों को एंबुलेंस से रिलीफ कैम्प पहुंचाया गया।
मॉक एक्सरसाईज के उपरांत उपायुक्त ने हुड्डा ग्रांउड में बने स्टेजिंग एरिया में पहुंचकर उपरोक्त पांच स्थान जहां पर मॉक एक्सरसाईज की गई वहां पर नियुक्त किये गये अधिकारियों से घटनाक्रम का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि इस मेगा मॉक एक्सरसाईज को आब्जर्व करने के लिए भारतीय सेना के कैप्टन धनैन्जय व आईटीबीपी के कमाडैंट लक्ष्मण यादव नियुक्त किये गये थे। उपायुक्त ने मेगा मॉक एक्सरसाईज के बाद बताया कि इस मॉक एक्सरसाईज को चुनौती के रूप में लिया गया था तथा इससे आपदा प्रबन्धन के लिए जुटाये गये संसाधनों की जानकारी मिली तथा जो इस मॉक एक्सरसाईज में संसाधनों की कमी रह गई थी उनको पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मॉक एक्सरसाईज से हमें यह सीखने को मिला कि हमें आपदा के समय क्या करना है यह हमारे लिए एक पाठ की तरह सीख है। पंकज ने बताया कि इस मॉक एक्सरसाईज से हमें कई सुझाव भी मिले कि हमें अब आगे आपदा प्रबन्धन के लिए किस प्रकार अलर्ट रहना है। उपायुक्त ने बताया कि इस मॉक एक्सरसाईज में ड्रोन का प्रयोग भी किया गया। प्राकृतिक आपदा के समय संसाधनों को परखने, मैन पॉवर को जांचने के लिए यह मॉक ड्रिल की गई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों, सेना के जवानों, आईटीबीपी के जवानों, पुलिस जवानों, वॉलेंटियर्स, रैडक्रास सहित अन्य विभागों ने इस मॉक एक्सरसाईज में मुस्तैदी से कार्य किया, इसके लिए वे बधाई के पात्र है। उपायुक्त पंकज ने कहा कि आपदा की स्थिति में किस प्रकार बचाव करें इसके लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है।
इस मॉक एक्सरसाईज में वीआईपी के रूप रेवाडी के विधायक रणधीर सिंह कापडीवास भी पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया तथा जिला प्रशासन द्वारा उठाये गये आपदा प्रबंधन कार्यो की सराहना की। इस अवसर पर आपदा प्रबन्धन के इंसीडैंट कंमाडर व अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि आपदा व भूकंप के समय जाम की स्थिति में घटना स्थल पर पहुंचने के लिए बाईक राईडर भी लगाये गये। इस अवसर पर साउथ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक डा. सी.एस. राव, उपमण्डल अधिकारी व आपदा प्रबन्धन के ओएससी कुशल कटारिया, एलएससी एवं डीआरओ आशीष कुमार, नोडल ऑफिसर व नगराधीश डा. विरेन्द्र, एसओ एवं डीएसपी, आईएमओ सहित जिला आपदा प्रबन्धन की रिसर्च अधिकारी प्रियंका, जिला फायर अधिकारी एस के सांगवान व तहसीलदार विकास मलिक सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी अपनी टीम सहित उपस्थित थे। इस मॉक एक्सरसाईज में माउंट एवरेस्ट विजेता आशा झांझोरिया व सुनिता चौंकन भी उपस्थित रही।
इसके उपरांत आपदा प्रबन्धन के निदेशक जनरल वी.के. दत्ता ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियों कांफ्रेंस की जिसमें रेवाडी जिला की इस सफल मॉक ड्रील एक्सरसाईज की उन्होंने सराहना की।

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