Published On: Mon, Nov 27th, 2017

लव जिहाद मामला :सुप्रीम कोर्ट में हो रही है सुनवाई बयान दर्ज करवा सकती है हिंदू लड़की हादिया

love_jihad-gram-samacharग्राम समाचार, नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को केरल लव जिहाद मामले में सुनवाई होगी। मामले में हिंदू लड़की हादिया कोर्ट में अपना बयान दर्ज करा सकती है। कोर्ट ने लड़की के पिता को उसे पेश करने का ऑर्डर दिया था। इससे पहले हादिया ने कहा था, ”मैं एक मुस्लिम हूं, पति के पास जाना चाहती हूं, कोई मुझे धर्म बदलने के लिए दबाव में नहीं ले सकता।”

कोर्ट ने NIA को लगाई थी फटकार

बेंच ने पिछली सुनवाई के दौरान नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस ने हल्के अंदाज में पूछा था, “कानून में क्या कोई ऐसा नियम है कि कोई लड़की किसी अपराधी से प्यार नहीं कर सकती? कोर्ट ने कहा कि अगर लड़की बालिग है तो सिर्फ उसकी सहमति ही जरूरी होती है।

NIA ने कहा था- मैकेनाइज्ड मशीनरी युवाओं को कट्टर बना रही

  • 30 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने की।
  • सुनवाई के दौरान NIA की ओर से एडीशनल सालिसिटर जनरल (एएसजी) मनिंदर सिंह ने बेंच से कहा कि राज्य में बहुत ही मैकेनाइज्ड मशीनरी एक्टिव है। वह राज्य में कट्टरता भरने के काम में लगी है। वहां अब तक इस तरह के 89 मामले सामने आ चुके हैं।
    लड़की का मेंटल स्टेटस समझेगा कोर्ट
  • एएसजी ने कहा था कि किसी शख्स को इतना बरगला दिया जाए कि वह अपने मजहब और माता-पिता से ही नफरत करने लगे, तब यह कहना ठीक नहीं कि वह अपनी मर्जी से ऐसा कर रहा है।
  • इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह लड़की से खुले कोर्ट में बात करेगा और उसके मेंटल स्टेटस को समझेगा। कोर्ट ने कहा कि अगर यह पाया जाता है कि लड़की को बहलाया-फुसलाया गया है तो वह उसकी तफसील से जांच कराएगा।
  • लड़की के पिता ने इस मामले की सुनवाई कैमरे के सामने किए जाने की अपील की थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।

पिता ने कहा था- कट्टर है शफीन

  • हादिया के पिता की ओर से वकील श्याम दीवान ने दावा किया था कि उनकी बेटी का कथित पति एक कट्टर शख्स है और राज्य में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे कई ऑर्गनाइजेशन समाज को कट्टर बनाने में लगे हैं।
  • महिला के पति शफीन की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने एनआईए और लड़की के पिता की दलीलों का विरोध किया।
    क्या है पूरा मामला?
  • केरल में अखिला अशोकन उर्फ हादिया (24) ने शफीन नाम के मुस्लिम लड़के से दिसंबर 2016 में शादी की थी।
    – लड़की के पिता एम अशोकन का आरोप था कि यह लव जिहाद का मामला है। उनकी बेटी का जबर्दस्ती धर्म बदलवाकर शादी की गई है।
    – लड़की के पिता की पिटीशन पर हाईकोर्ट ने 25 मई को यह शादी रद्द कर दी थी। हादिया को उसके माता-पिता के पास रखने का आदेश दिया था। इसके बाद शफीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
    केरल सरकार का क्या स्टैंड था?
    – केरल सरकार ने 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में कहा था, “हिंदू महिला के मुस्लिम धर्म स्वीकार करने और मुस्लिम युवक से विवाह के मामले में NIA जांच की जरूरत नहीं है। इस मामले में पुलिस ने पूरी जांच की है और इसमें ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है, जिससे ये मामला NIA को सौंपा जाए।”