खाते में बदलाव के लिए सहमति जरूरी, UIDAI ने बैंकों को जारी किए निर्देश

UIDAIग्राम समाचार, नई दिल्ली। आधार जारी करने वाले भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एयरटेल जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अहम कदम उठाया है। इसके तहत बैंकों को निर्देश दिया है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी के लिए बैंक खाते में बदलाव ग्राहक की सहमति के बिना नहीं किया जा सकता। यूआईडीएआई की गजट अधिसूचना में कहा गया है कि बैंकों को इस बदलाव के बारे में 24 घंटे के अंदर एसएमएस या ई मेल से ग्राहक को इसकी सूचना देनी होगी। इसके अलावा उसे संबंधित व्यक्ति को इस बदलाव को पलटने का भी विकल्प देना होगा।

यह अधिसूचना एलपीजी सब्सिडी लाभार्थियों के उन खातों में पहुंचने के बाद जारी की गई जो आधार संख्या का इस्तेमाल कर सबसे बाद में खोले गए हैं। भारती एयरटेल के मामले में तो स्थिति और भी खराब है जिसने अपने मोबाइल ग्राहकों का उनकी सहमति के बिना एयरटेल पेमेंट्स बैंक में खाता खोला और उनकी एलपीजी सब्सिडी इसी खाते में पहुंचने लगी। इन ग्राहकों ने आधार का इस्तेमाल एयरटेल के अपने सिम के सत्यापन के लिए किया था। करीब 190 करोड़ रपए की एलपीजी सब्सिडी एयरटेल पेमेंट्स बैंक के उन खातों में पहुंच गई जो ग्राहकों की विधिवत सहमति के बिना खोले गए थे।

वकीलों की शीर्षस्थ संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मांग की गई है कि सांसदों और विधायकों के वकालत करने पर प्रतिबंध लगाया जाए। भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी डा. हंसराज एल चुलानी बनाम बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र के मामले में पेशेवर कदाचार के मामले में दिशा-निर्देश जारी किया था। सांसद और विधायक लोकसेवक के दायरे में आते हैं। सरकारी नौकरी कर रहे शख्स को वकालत करने का अधिकार नहीं है भले ही वह राज्य की बार काउंसिल में पंजीकृत हो। उसे अपने वकालत के लाइंसेंस को स्थगित कराना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि वकालत एक पूर्णकालिक पेशा है। यह पार्ट टाइम पेशा नहीं है। डाक्टर हो या चार्टर्ड एकाउंटेंट उसे यदि वकालत करनी है तो डाक्टरी या एकाउंटेंसी छोड़नी होगी। लोस सदस्यों के अलावा राज्यसभा के सदस्य और विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका दायित्व कानून बनाना, विधायिका में पेश विधेयकों पर र्चचा करना है।