देश का 69वां गणतंत्र दिवस : राजपथ पर ब्रह्मोस से लेकर T-70 टैंक, दुनिया ने देखा मेक इन इंडिया का दम

69th Republic Day of the country: from Brahmos to T-70 tank on Rajpath, the world saw the make in India's breathग्राम समाचार, नई दिल्ली।  देश आज 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर राजपथ पर शानदार परेड निकाली गई। परेड के जरिए भारत ने दुनिया को अपना दम दिखाया। परेड की शुरुआत आसियान देशों के दस्ते के साथ हुई, जिसके बाद युद्धक टैंक, हथियार, सैनिकों और कई अन्य झांकियां परेड में शामिल हुई। गणतंत्र दिवस पर इस बार आसियान देशों के प्रमुख मुख्य अतिथि बने  । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी प्रमुखों का स्वागत किया।

झलकियां

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वायुसेना के शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला (मरणोपरांत) को शांतिकाल के सबसे बड़े वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया।
  • परेड में सीमा सुरक्षा बल (BSF) का दस्ता निकला, इस दौरान ऊंटों वाले दस्ते ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
  • परेड में पूर्व सैनिकों की झांकी की भी निकाली गई। इनमें अर्जन सिंह, जनरल वीएस करियप्पा समेत कई पूर्व सैनिकों की झांकी भी निकाली गई।
  • राजपथ पर परेड में सबसे पहले भारत के युद्ध टैंक की क्षमता दिखाई गई। इनमें ब्रह्मोस, T-70 टैंक, अग्नि मिसाइल शामिल रहे।
  • परेड की शुरुआत आसियान देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के साथ हुई। यह पहली बार है कि परेड की शुरुआत किसी अन्य देश के दस्ते के साथ हुई हो।
  • इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वायुसेना के शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को शांतिकाल के सबसे बड़े वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया। शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया। उनकी पत्नी ने राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त किया। सम्मान देते वक्त राष्ट्रपति कोविंद भावुक भी हो गए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राजपथ पर स्वागत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपथ पर आसियान देशों के प्रमुखों का स्वागत किया। सभी आसियान प्रमुख गमछा पहन कर आए हैं।

गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर में कई जगह कई कार्यक्रम किए जाएंगे। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हजारों सुरक्षाकर्मियों को किसी भी आतंकी हमले या अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैनात किया गया है।

 

मेहमान बुलाने की ये है नीति

  • हर साल हमारा देश गणतंत्र दिवस के समारोह में किसी राष्ट्राध्यक्ष को चीफ गेस्ट के रूप में आमंत्रित करता है।
  • इस बार सिर्फ एक नहीं बल्‍कि आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बन रहे हैं।
  • साल 1950 से ही गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट का एक प्रतीकात्मक महत्व रहा है।
  • वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और नीति के मुताबिक यह चुनाव किया जाता रहा है।
  • इस साल आसियान के देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बुलाना इस बात का प्रतीक है कि पूर्वी एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत ‘एक्ट ईस्ट’ नीति पर जोर दे रहा है।

गणतंत्र दिवस परेड में इन देशों के प्रमुख शामिल हुए

  • ब्रुनेई
  • म्यांमार
  • कंबोडिया
  • इंडोनेशिया
  • लाओस
  • मलेशिया
  • फीलिपींस
  • सिंगापुर
  • थाइलैंड
  • वियतनाम
  • शार्पशूटर्स किए गए हैं तैनात

देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ से लाल किले तक 8 किलोमीटर लंबी परेड मार्ग पर नजर रखने के लिए मोबाइल हिट टीम, विमान-रोधी प्रणालियों और शार्पशूटर्स को तैयार रखा गया है।

ऊंची इमारतों पर शूटरों को तैनात किया गया है, वहीं बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों की मदद से परेड मार्ग पर आवाजाही कर लोगों पर नजर रखी जा रही है। हवाई क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए विमान-रोधी बंदूकों सहित हवाई सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के 60,000 जवानों को मध्य दिल्ली में तैनात किया गया है। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़-भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अधिक महत्व वाले प्रतिष्ठानों को संवेदनशील स्थानों के रूप में चिन्हित किया है और उन्हें सुरक्षित बनाने की पूरी तैयारी की गई है।

जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट

जम्मू-कश्मीर आतंकियों के निशाने पर रहता है जिसके चलते इस मौके पर यहां हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों सहित चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

1. पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था।
2. 26 जनवरी 1950 को 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था।
3. गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी।
4. भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई।
5. भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई हैं।
6. भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली गई थी।
7. गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
8. 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं।
9. यह दिन गणतंत्र दिवस के समारोह के समापन के रूप में मनाया जाता है।

Loading...