3 तलाक को तलाक – तलाक – तलाक खत्म, सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों ने बताया असंवैधानिक

ग्राम समाचार, नई दिल्ली। मंगलवार को तीन तलाक के महत्वपूर्ण मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ के तीन जजों ने इसे असंवैधानिक बताया है।Teen-Talaq

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस फली नरीमन, जस्टिस जोसेफ कुरियन ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए कहा- इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है। जबकि इससे पहले चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि तीन तलाक धार्मिक प्रक्रिया और भावनाओं से जुड़ा मामला है, इसलिए इसे एकदम से खारिज नहीं किया जा सकता।

खेहर ने कहा कि –

  • इस मुद्दे पर सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है संसद और केंद्र सरकार, उन्हें ही इस पर कानून बनाना चाहिए। सरकार को कानून बनाकर इस पर एक स्पष्ट दिशा निर्देश तय करने चाहिए।
  • चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने इसके लिए केंद्र सरकार को छह महीने का समय दिया।
  • छह महीने तक के लिए कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए तीन तलाक पर तत्काल रोक लगाती है।
  • इस अवधि में देशभर में कहीं भी तीन तलाक मान्य नहीं होगा।
  • सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इसे रद्द करने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मसला है इसलिए सरकार और संसद को इसमें बदलाव की पहल करनी चाहिए।
  • कोर्ट ने यह भी कहा तलाक ए बिद्दत अनुच्छेद 14,15,21 और 25 का उल्लंघन नहीं है।

वहीं फैसला आने से पहले इस केस में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली सायरा बानो ने कहा कि फैसला उनके पक्ष में आएगा। सायरा ने कहा कि समय बदल चुका है और इस पर नया कानून बनेगा।