Published On: Fri, Dec 22nd, 2017

2G : राजा, कनिमोझी समेत सभी आरोपी बरी, अदालत ने कहा – बगैर सबूत ही गढ़ दिए आरोप

A RAJAग्राम समाचार, नई दिल्ली।  मनमोहन सिंह सरकार के लिए भ्रष्टाचार का पर्याय बना 2जी घोटाला लम्बे ट्रायल के बाद धराशाई हो गया। विशेष अदालत ने सीबीआई की जार्चशीट और पेश सबूतों को कोरी अफवाह, गपशप और अटकलबाजी बताया।

सीबीआई के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी करते विशेष अदालत के जज ओपी सैनी ने कहा कि जनधाराणाओं का अदालत में कोई स्थान नहीं है। सात साल के लम्बे ट्रायल के दौरान एक सबूत भी ऐसा पेश नहीं किया गया जो कानूनी रूप से मान्य हो।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में विशेष अदालत ने पूर्व संचार मंत्री ए राजा और द्रमुक नेता कनिमोझी सहित सारे आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने फैसले में पूर्व संचार सचित सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया, स्वान टेलीकम के प्रमोटर्स शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका व यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चन्द्रा सहित 15 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया।

अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के दौरान सामने आए धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय के मुकदमे में भी राजा और कनिमोझी को बरी कर दिया है। ईडी ने अपने आरोपपत्र में द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल को भी आरोपी बनाया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि स्वान टेलीकॉम (प्राइवेट) लिमिटेड (एसटीपीएल) के प्रमोटर्स ने द्रमुक द्वारा संचालित कलैगनार टीवी को 200 करोड़ रपए दिए।

इनके साथ ही एसटीपीएल के शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका, कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल, कलैगनार टीवी के निदेशक शरद कुमार, बॉलीवुड फिल्म निर्माता करीम मोरानी और पी अमृतम सहित 16 अन्य लोगों को भी धन शोधन मामले में अदालत ने बरी कर दिया है।

एस्सार समूह के प्रमोटर्स भी हुए दोषमुक्त 

2जी मामले की सुनवाई के लिए 14 मार्च, 2011 को गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश ओपी सैनी ने एस्सार समूह के प्रमोटर्स रवि कांत रुइया और अंशुमन रुइया तथा छह अन्य लोगों को 2जी घोटाला जांच से जुड़े अन्य मामले में बरी कर दिया है। रुइया के अलावा अदालत ने लूप टेलीकॉम के प्रमोटर्स आईपी खेतान और किरण खेतान तथा एस्सार समूह के निदेशकों में से एक विकास, लूप टेलीकॉम लिमिटेड, लूप मोबाइल (इंडिया) लिमिटेड और एस्सार टेलीहोल्डिंग लिमिटेड को भी बरी कर दिया है।

तीन मामलों में सुनाया विशेष अदालत ने फैसला 

विशेष अदालत ने जिन तीन मामलों में फैसला सुनाया है, उनमें कई कंपनियों सहित कुल 35 आरोपी थे। पहले मुकदमे में अभियोजक सीबीआई ने 17 लोगों को आरोपी बनाया था, दूसरा मुकदमा प्रवर्तन निदेशालय का था, जिसमें उसने 19 लोगों को आरोपी बनाया था। तीसरे मुकदमे में एस्सार के प्रमोटर्स सहित आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। राजा और कनिमोझी सहित सभी आरोपियों ने फैसले का स्वागत किया है और द्रमुक कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया।

फैसला पढ़ने के बाद सीबीआई का अगला कदम 

सीबीआई2जी घोटाले में विशेष अदालत के फैसले के बाद सीबीआई ने कहा कि वह फैसले का अध्ययन करने के बाद भविष्य के अपने कदम तय करेगी। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, हमें अभी तक पूरे फैसले की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। हम उसका अध्ययन करेंगे, कानूनी सलाह लेंगे और फिर भविष्य का अपना कदम तय करेंगे।

फैसले को अपनी शान न समझे कांग्रेस

जेटलीवित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस को 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में फैसले को अपनी शान नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की कोई भी नुकसान न होने वाली (जीरो लॉस) योरी उसी समय गलत साबित हो गई थी, जब उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2012 में स्पेक्ट्रम आवंटन रद्द कर दिया था।

रद्द लाइसेंसों का भविष्य एजेंसियों के अगले कदम पर निर्भर

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि आठ कंपनियों के रद्द हुए 122 दूरसंचार लाइसेंसों का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि जांच एजेंसियां 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में अदालत के फैसले पर आगे क्या कदम उठाती हैं। सिन्हा ने कहा कि जांच एजेंसियां इस मामले में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के बारे में फैसला करेंगी।

खुश हूं अदालत ने स्पष्ट फैसला दे दिया 

मनमोहनपूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस फैसले से ही सब कुछ पता चल जाता है। उन्होंने कहा मैं कुछ नहीं कहना चाहता। अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। मैं खुश हूं कि अदालत ने स्पष्ट रूप से फैसला दे दिया। संप्रग के खिलाफ किया जा रहा व्यापक दुष्प्रचार बेबुनियाद था। फैसले से सब कुछ पता चल जाता है।

मनमोहन, संप्रग सही साबित हुए

सिब्बलफैसले के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संप्रग सरकार और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सही साबित हुए हैं कि स्पेक्ट्रम के आवंटन और दूरसंचार कंपनियों को दिए गए लाइसेंस में कोई घोटाला नहीं हुआ था। उन्होंने तत्कालीन सीएजी विनोद राय और भाजपा से माफी की भी मांग की।

 

Loading...