संथाल परगना में हो आकाशवाणी प्रसारण केंन्द्र

RadioStation(replacement)ग्राम समाचार।संताल परगाना। आज जहाँ पूरे विश्व में सूचना प्रसारण तकनीक लोगों की मौलिक जरूरत बन गया है, वहीं आज भी संथाल परगना के लोग रेडियो प्रसारण केंद्र के लिए लालायित हैं।
विडम्बना ही कहा जाए कि झारखंड गठन के 13 वर्षों बाद भी इस क्षेत्र में एक भी आकाशवाणी प्रसारण केन्द्र नहीं खुल सका है जबकि दुमका को उपराजधानी का दर्जा प्राप्त है।
संथाल परगना क्षेत्र के लोगों को राज्य का मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ साथ लोक सभा में मंत्री होने का भी गौरव प्राप्त हुआ है, फिर भी इस क्षेत्र के लोगों को झारखंड के प्रादेशिक समाचार सुनने के लिए बिहार राज्य के आकाशवाणी केन्द्र भागलपुर पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्रतिदिन केवल शाम के 7 बजे आने वाले समाचार को किसी तरह सुन पाने में इलाके के लोग अपने को खुश नशीब समझते हैं। लेकिन खराब आवाज और प्रसारण के बीच में व्यवधान के कारण पूरा समय ही बेकार चला जाता है।
झारखंड के राजधानी राँची में स्थित आकाशवाणी केंन्द्र का प्रसारण संथाल परगाना क्षेत्र में नहीं पहुँच पाता है। संताल परगाना क्षेत्र में एक रेडियो प्रसारण केन्द्र की आवश्यकता महज इस बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के अधिकांश लोग गांव में रहते हैं जिनके लिए सूचना प्राप्त करने का और मनोरंजन का रेडियो ही एक मात्र मुख्य साधन है।

– हरेन्द्र शर्मा, ग्राम समाचार संवाददाता, बलिया
(लेखक पूर्व में आकाशवाणी भागलपुर से संबंधित रहे हैं)