मधुमेह रोगियों को 5 रूपये की गोली से लाभ

medicineग्राम समाचार, नई दिल्ली। आगामी वर्षों में भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या सर्वाधिक होगी, ऐसे में महंगी दवाओं से सेहत की देखभाल मुश्किल है। डायबिटिक की बढ़ती संख्या व महंगी दवाओं को देखते हुए सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) ने आयुर्वेद पर आधारित बीजीआर 34 (ब्लड ग्लूकोज रेगुलेटर) नामक दवा ईजाद की है, जोकि डीपीपी 4 इंहीबिटर में काम करती है।

 

सीएसआईआर के वैज्ञानिकों का दावा है कि मार्केट में इससे सस्ती दवा अभी नहीं है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अलावा आयुष भी इस दवा से मधुमेह रोगियों में लाभ मिलने का दावा कर रहा है।
35 वें इंडिया-इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में हॉल नंबर 18 यानी टेकमार्ट पवेलियन के बाहर मेक इन इंडिया थीम पर आधारित इनोवेटिड प्रोडेक्ट के स्टॉल हैं, जहां ऐसे प्रोडेक्ट को मंच दिया गया है।

 

रिसर्च आफिसर डॉ. हिमांशु शर्मा के मुताबिक, यह दवा डीपीपी 34 (एंजाइम) इंहीबिटर है। जिसका काम बड़ी आंतों में ग्लूकोज को बाहर निकालने का काम करना होता है, ताकि ग्लूकोज को रक्त में जाने से रोका जा सके।
डॉ. शर्मा के मुताबिक, मधुमेह मरीजों को डीपीपी 4 के लिए दी जाने वाली दवा में गिल्पटीन होता है, जोकि दवा कंपनियों को इंपोर्ट करवाना पड़ता है। इसके चलते इस दवा की एक गोली 50 रुपये की पड़ती है। हालांकि आयुर्वेद की इस नए शोध की यही दवा की गोली पांच रुपये की होगी।