आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है ‘बखरी अनुमंडल’, बखरी अनुमंडल के स्थापना का मनाया गया 22 वाँ वर्षगांठ

bakhari-ka22-va-varshganthग्राम समाचार, बखरी(बेगूसराय)। अनुमंडल बने बखरी को 22 साल पूरा हो गया, मगर आज भी यह अनुमंडल क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों को नहीं मिल पा रही है। ये विचार बुधवार को बखरी अनुमंडल स्थापना दिवस के मौके पर श्री विश्वबंधु पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ बखरी नगर पंचायत की मुख्य पार्षद श्रीमति गीता कुशवाहा, उप मुख्य पार्षद श्री दिनेश पाठक, लेखा समिति के अध्यक्ष सिधेश आर्य, अधिवक्ता गौरीकांत ठाकुर आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य पार्षद गीता कुशवाहा ने जबकि संचालन नगर पार्षद सिधेश आर्य ने किया। इस मौके पर “बखरी अनुमंडल : संघर्ष और विकास के 22 वर्ष” विषय पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए श्री सिधेश आर्य ने कहा कि बखरी अनुमंडल के गठन में यहां की जनता का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक अनुमंडल आंदोलन को याद करते हुए कहा कि बखरी अनुमंडल क्षेत्र में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

अनुमंडल पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बखरी को अनुमंडल बने 22 साल हो गए, लेकिन शर्म की बात है कि यह क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है और इसका एकमात्र कारण ये है कि हमलोग किसी का नेतृत्व बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बखरी के विकास के लिए जरूरत है कि हमलोग इस मानसिकता से बाहर निकलें।

वरिष्ठ अधिवक्ता श्री गौरीकांत ठाकुर ने कहा कि हम बखरी वासियों को बखरी अनुमंडल से लेकर सिविल कोर्ट के गठन तक लंबा संघर्ष करना पडा। आज भी सिविल कोर्ट में कई तरह की सुविधाओं का अभाव है, जिसके लिए संघर्ष जारी है।

समाजसेवी श्री बैजनाथ केशरी ने कहा कि बखरी अनुमंडल क्षेत्र शैक्षणिक रूप से बेहद पिछडा है। डिग्री कॉलेज है नहीं और जो इंटर कॉलेज है वह वर्चस्व की लडाई में फंसा है।

समाजसेवी श्री कमलेश कुमार कंचन ने बखरी अनुमंडल आंदोलन को याद करते हुए कहा कि इस आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। लेकिन आज की युवा पीढी को शायद यह जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि बखरी को अनुमंडल बनाने के लिए उन्हें लाठियां खानी पडी और जेल तक जाना पड़ा। लेकिन दुख होता है कि उन कार्यों को लोग भूल गए हैं।

bakhariसमाजसेवी और बखरी विकास समिति के सचिव श्री राजकिशोर राज ने कहा कि बखरी अनुमंडल गठन के लिए राजनीतिक स्तर से लेकर अदालती लडाई तक लडनी पडी। उन्होंने दुख प्रकट किया कि बखरी के विकास के लिए उनके प्रयासों में नौकरशाही अडंगे लगाती है। डिग्री कॉलेज, अस्पताल और ग्रिड के निर्माण के लिए सारी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कुछ अफसर निजी स्वार्थ के लिए अडंगेबाजी कर रहे हैं।
युवा नेता संतोष गुड्डू ने बखरी के युवाओं से आह्वान किया कि वे बखरी के विकास के लिए आगे आएं। शिक्षक श्री पवन सुमन ने कहा कि बखरी के आम लोगों के संघर्ष का नतीजा बखरी अनुमंडल है। उन्होंने बखरी के विकास के आम लोगों से आगे आने की अपील की। छात्र नेता श्री ललनदेव ने कहा कि बखरी में डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने संघर्ष शुरू कर दिया है और यह आंदोलन आने वाले दिनों में बडा रूप लेगा। उन्होंने इसके लिए युवा नेताओं को साथ देने की अपील की।

अधिवक्ता संघ के महासचिव श्री सुरेंद्र केशरी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बखरी पिछडा हुआ है। बीते 22 वर्षों में बखरी अनुमंडल का काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि बखरी सिविल कोर्ट अनुमंडल मुख्यालय में ही रहे इसके लिए वह प्रयासरत हैं।

अधिवक्ता श्री गौरव केशरी ने कहा कि कुछ लोग आज भी बखरी अनुमंडल आंदोलन का श्रेय लेते हुए घूम रहे हैं, जबकि यह एक जन आंदोलन था। उन्होंने कहा कि बखरी के कतिपय नेता बखरी के विकास में बाधक बने हुए हैं।

धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विकास वर्मा ने कहा कि बखरी अनुमंडल स्थापना दिवस को अब बखरी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बखरी के विकास के लिए सभी लोगों से व्यक्तिगत स्वार्थ और दलगत भावना से ऊपर उठकर एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से कार्यक्रम को बडे स्तर पर किया जाएगा। कार्यक्रम में उप मुख्य पार्षद श्री दिनेश पाठक, जदयू नेता रामप्रवेश महतों, भारत भूषण इंडिया, अमरेश चौधरी, नीरज पोद्दार समेत बडी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

-पुनीत कुमार, ग्राम समाचार, बखरी(बेगूसराय)।