मुआवजे को लेकर 36 वर्षो से भुदाता लगा रहे है ईसीएल राजमहल परियोजना कार्यालय का चक्कर

Mhanje bajay hone ka prabandhan dwara letrग्राम समाचार गोड्डा(झारखंड)। 36 वर्षो से भुदाता लगा रहे है जमीन मुआवजे को लेकर ईसीएल राजमहल  परियोजना कार्यालय का चक्कर।

क्या है मामला

राजमहल परियोजना द्वारा कार्यालय जाने के लिये1981 में एप्रोच पथ निर्माण के लिए मौजा महागामा दाग नमंबर 1164एवं 1163 में दो एकड़ जमीन सीवी एक्ट के आधर पर अधिग्रहण किया था। जिसके लिए भुदाताओं को नॉकरी भी दी तथा जमीन का मुआवजा देने में 15 वर्ष लगा दिए उसके बाबजूद भी जमीन का 80 प्रतिशत ही मुआवजा दिया गया।

भुदाता द्वारा मुआबजे के लिए बार – बार 20 प्रतिशत शेष बचे मुआवजे की मांग करते रहे है।

लेकिन 37 वर्ष बीत जाने के बाबजूद बाकी बचे 20 प्रतिशत मुआवजा अभी तक नही मिल पाया है।

भुदाता से मिली जानकारी के अनुसार अब वे नॉकरी से भी सेवानिवृत हो चुके है। फिर भी कार्यलय के चक्कर लगा रहे है।

उन्होंने बताया कि जब हम मामले को लेकर जिला प्रशासन से मिले तो उनके द्वारा कहा गया की आप परियोजना प्रबंधन से मिले। जब भुदाता मुआबजे को लेकर फिर से क्षेत्रय प्रबन्धक से मिले तो प्रबंधक द्वारा पत्रांक 510/ दिनांक 25-4-16 के माध्यम से भुदाता को सूचित किया कि आप का 20 प्रतिशत जमीन का मुआबजा बाकी है। फिर पुनः एक वर्ष बाद क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा पत्रांक 510 दिनांक 2-5-17 के माध्यम से सूचित कर आधार नमंबर एवं बैंक एकाउन्ट मंगा गया जिसपर भुदाता द्वारा 6- 8- 17 को सारे कागजात क्षेत्रय प्रबंधक के कार्यालय में जमा करा दिया गया।

लेकिन इसके बाबजूद भी मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। भुदाता ने बताया कि जब प्रबंधक से मिलते है तो हर वार टाल मटोल कर रहे है। वही प्रबन्धक द्वारा अनुमंडलाधिकारी तथा अंचलाधिकरी एवं थाना प्रभारी को मामले में सूचित कर कहा जाता है कि सम्बंधित जमीन का कागजात नही देने के कारण नहीं हो पा रहा है।
वही भुदाता का कहना है कि 1981 में ही जमीन सम्बंधित सारा कागजात जमा दे चुके है तभी तो 80 प्रतिशत मुआबजा एवं नॉकरी दी गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर परियोजना प्रवंधन बाकी बचे मुआबजा देने में असमर्थ है तो उतना जमीन वापस कर दे। ताकि मैं भूमिहीन होने से बच जाऊ।

उन्होंने कहा कि मेरे बच्चों का बर्तमान में जाती निवासी नहीं बन पा रहा है।

– ग्राम समाचार (गोड्डा)।