मिशन सुनहरा कल दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

 

मिशन सुनहरा कल दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

पाकुड़। मिशन सुनहरा कल को लेकर दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सूचना भवन सभागार में आयोजित किया गया। नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में कृषि की बेहतर तकनीक के सम्बन्ध में आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डीसी दिलीप झाजिला कृषि पदाधिकारी एडमण्ड मिंजजिला जनसम्पर्क पदाधिकारी प्रभात शंकर आईटीसी के प्रतिनिधि ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। डीसी श्री दिलीप कुमार झा ने इस अवसर पर कहा कि कृषि के विकास के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। जीवन के लिए अन्न की महत्ता कभी भी कम नहीं हो सकती। कृषकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के बाद ही उनको आर्थिक उन्नयन किया जा सकता है। भूमि का विस्तार तो करना संभव नहीं है। किन्तु किसान उन्नत तकनीक अपनाकर अपने खेतों में उपज को बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे कृषकों की विपन्नता तो दूर होगी हीवो आर्थिक रूप से सम्पन्न होकर बेहतर ढंग से जीवनयापन कर सकेंगे। सरकार किसानों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। अपने  झारखण्ड से किसानों को इजराइल भेजा गया था, जहां 80 लाख की आबादी वाले देश में रेतीले भूमि पर कृषि के गुर सिखलाए गए। आजादी के बाद देश में खाद्यान्न की कमी थी। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया। कृषि उत्पादकता के साथ साथ सिचाईं की सुविधा प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया। झारखण्ड में वर्षा की कमी नहीं है। प्रत्येक वर्ष 1235 एमएम वर्षा होती हैलेकिन जल संचय के अभाव में जल की कमी है। प्रगतिशील किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करने के लिए जिले में आज यह पहल की जा रही है। प्रखण्ड स्तर पर जो मास्टर ट्रेनर को आज ट्रेनिंग दी जा रही हैवो पूरी मनोयोग और सजगता से प्रशिक्षण करें और गांवों में जाकर किसानों के बीच उन्नत आधुनिक कृषि की जानकारी दें। जिले में पहाड़ों पर किसान कठिन परिस्थितियों में खेती करते हैं। उन्हें नई तकनीक से खेती के गुर सिखाए जाएंगे तो बंजर खेतों में भी फसल लहलहाएगा। कृषि के सम्बन्ध में कई तकनीक विकसित की गई है लेकिन मिट्टी की जाँच के बिना कोई भी कृषि तकनीक सफल नहीं हो सकती है। मिट्टी की स्वास्थ्य कार्ड बनाने का कार्य बेहतर ढंग से किए जाने की जरूरत है।डीसी ने कहा की जिले के लोग बेहद भद्र और सज्जन हैं। उनके आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए कृषि की आधुनिक तकनीक मील का पत्थर साबित होगीबशर्ते यहाँ के कृषकों को खेती के गुर सिखाने में कृषि विभाग के कर्मी पूरी कर्तव्यनिष्ठा से कार्य कर अपने जिम्मेवारियों का निर्वहन करे। पूरे संवेदनशीलता से मास्टर ट्रेनर किसानों को प्रशिक्षित कर जागृत करने का कार्य करेंगे तभी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सार्थकता साबित होगी।आईटीसी के प्रोग्राम ऑफिसर ए. अली ने मिशन सुनहरा कल प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इस मिशन के उद्देश्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। ए. अली ने बताया कि आईटीसी 160साल से ज्यादा पुरानी कम्पनी है जो विभिन्न क्षेत्रों में अपना काम कर रही है। आईटीसी सोशल इन्वेस्टमेंट प्लान का कार्य कर रही है। ग्रामीण विकास के बिना सम्पूर्ण विकास संभव नहीं है।  कृषि और सतत विकास का कार्यक्रम साथ साथ कर रही है। किसानों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण करना लक्ष्य है। नीति आयोग के तहत विभिन्न राज्यों ओडिशाआसामबिहार इत्यादि के 27 जिलों में काम कर रही है। झारखण्ड में पाकुड़ और साहेबगंज में कार्य कर रही है। अप्रैल से अगस्त तक बेसलाइन अध्यनन किया जा रहा है। रबी मौसम से काम करना शुरू कर रहे हैं। उन्नत तकनीक और उन्नत तरीकों से खेती करवाया जाएगा। मास्टर ट्रेनर प्रखण्ड स्तर पर तैयार किया जाएगा। फिर गांव के किसानों को वह ट्रेनिंग देकर उन्नत कृषि के लिए सिद्ध हस्त करेंगे। मुख्यतः धान और गेहूं की खेती पर कार्य करेंगे। जीरो टिलेज तकनीक के ऊपर ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि मिट्टी को ह्रास कम से कम हो। नीति आयोग के द्वारा 8 निदेशांक कृषि के निर्धारित किया गया है। कृषि पदाधिकारी एडमण्ड मिंज ने कहा कि नीति आयोग के द्वारा 25 जिलों का चयन किया गया है। कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के लिए कृषि में वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग और कृषि से जुड़े पशुपालनमुर्गी पालनदुग्धपालन के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर भी कार्य किया जाएगा।

 

  –  विनोद कुमार, ग्राम समाचार, पाकुड़, झारखंड।

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