विशाखापट्टनम से 2014 में खाद लेकर निकला  रेलवे का डब्बा 2018 में पहुंचा उत्तर प्रदेश 

logoग्राम समाचार, लखनऊ। रेलवे का एक चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है । उत्तर प्रदेश के बस्ती रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी का डिब्बा विशाखापट्टनम से 1326 किमी का सफर पूरा कर चार साल बाद यहां पहुंचा है । इस डिब्बे में 1,316 डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) खाद के बोरे थे जो तीन नवंबर 2014 को विशाखापट्टनम से बुक किए गए थे। मालगाड़ी का यह डिब्बा  25 जुलाई की दोपहर बस्ती पहुंचा।

तीन नवंबर 2014 को बस्ती के खाद व्यापारी रामचंद्र गुप्ता के लिए इंडियन पोटास लिमिटेड (आइपीएल), विशाखापट्टनम से डीएपी खाद 42 वैगन बुक किया था, जिसे विशाखापट्टनम पोर्ट रेलवे स्टेशन से चलकर उत्तर मध्य रेलवे के बस्ती स्टेशन आना था। लेकिन मालगाड़ी 42 वैगन की जगह 41 बैगन लेकर ही बस्ती पहुंची थी और एक वैगन कहीं गायब हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार, उस एक वैगन की तलाश को लेकर तब से रेलवे के अधिकारी और मेसर्स रामचंद्र गुप्ता दर्जनों पत्र रेलवे को लिख चुके थे। लेकिन वैगन का कहीं कुछ पता नहीं चल सका था। बीते बुधवार यानी 25 जुलाई को एक मालगाड़ी के साथ गायब वैगन (एसई 107462) बस्ती स्टेशन पहुंच गया। जिसके बाद माल गोदाम के इंचार्ज को सूचना दी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच में पता चला कि पुरानी बस्ती के मेसर्स राजेंद्र गुप्ता के लिए इंडियन पोटास लिमिटेड ने वैगन बुक कराकर डीएपी खाद मंगाया था। तय समय में वैगन नहीं पहुंच पाया था। यह वैगन कहां रह गया था यह कोई बताने वाला नहीं है। वैगन में 1316 डीएपी खाद की बोरियां मिली हैं, जिनमें से अधिकतर ख़राब हो चुकी हैं और कुछ बोरियां फट भी गईं हैं।