मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और एडीजी अनुराग गुप्ता से संबंधित मामले में एसआईटी गठित करने की मांग

gslogoग्राम समाचार, रांची (झारखंड)।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और एडीजी अनुराग गुप्ता से संबंधित मामले में एसआईटी गठित करने और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में इसकी जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि तीनों अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर पूरा विपक्ष 16 जनवरी को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलेगा। इस संबंध में बाबूलाल मरांडी से बात हो चुकी है जबकि हेमंत सोरेन सहित अन्य विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं से बात हो रही है। उन्होने कहा कि 17 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान इस मामले को उठाया जायेगा। यदि सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो सदन चलने नहीं दिया जायेगा। डॉ अजय ने कहा कि पूरे राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। पदाधिकारियों पर लगाम नहीं है।

डॉ अजय ने कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि ऐसे अधिकारियों को मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। यदि ऐसा नहीं होता तो किसी आईएएस और आईपीएस में इतनी ताकत नहीं है कि वह किसी मामले में मांगे गये जवाब को सही समय पर नहीं दे। यदि आलाधिकारी ऐसा करते हैं तो उनकी पेंशन पर रोक लग सकती है। इसलिए तीनों अधिकारियों को तुरंत पद से हटाना चाहिए।

डॉ अजय बोले, एमवी राव ने स्पष्ट कहा है कि बकोरिया कांड की लीपापोती कराने के लिए डीजीपी डीके पांडेय का भारी दबाव था। वहां 12 लोगों की मौत हो गई थी और जांच को लेकर उच्च न्यायालय ने भी फटकार लगाई थी।

–  कुमुद रंजन, ग्राम समाचार रांची (झारखंड)।